दिसंबर 23, 2014 00:54:22 तक के समाचार

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हाई टेंशन तार टूटने से 2 लोगो की मौत कई घायल |

जौनपुर : आज 15.12.2014 को लगभग दोपहर 1:00 बजे  हाई टेंशन तार टूटने से बड़ा हदाशा जानकारी के मुताबिक जौनपुर  सिपाह में हाई टेंशन तार एक बस पर टूट कर गिरने से पूरी बस में करेंट  दौड़ गया और बस में अफरा तफरी मच गयी बस के पास खड़ी एक ट्रक में आग लग गयी , दमकल  की सहायता से आग पर काबू पाया गया  और घायल लोग को एम्बुलेंसः की साहयता से अस्पताल पहुचाया गया |समाचार लिखे जाने तक 2 की मौत कई लोगो  ल के गंभीर रूप से  घायल की पुष्टि हो चुकी है | रिपोर्टर : सुशांत चौबे (जौनपुर )

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आज तक

J-K में त्रिशंकु विधानसभा के आसार, झारखंड में पहली बार बीजेपी की सरकार!
आज तक
जम्मू-कश्मीर विधानसभा की 87 और झारखंड की 81 सीटों के लिए वोटों की गिनती की तैयारी पूरी हो चुकी है. मंगलवार सुबह सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी, फिर ईवीएम मशीनों में डाले गये वोट गिने जाएंगे. पीएम नरेंद्र मोदी का जादू इन दो राज्यों में चला है या नहीं, दोपहर तक तस्वीर साफ हो जाएगी. जम्मू कश्मीर में अब तक तीन पार्टियों की ही सत्ता रही है लेकिन इस बार वहां का राजनीतिक मूड अलग है. सूबे में बीजेपी हैरत वाले परिणाम ला सकती है. हालांकि वहां किसी भी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है लेकिन बीजेपी ऐसी स्थिति में आती दिख रही है जहां से वो सूबे में प्रभावी ...
जम्मू-कश्मीर और झारखंड विधानसभा चुनाव: मतों की गिनती आज, चुनाव परिणाम पर टिकीं सभी की नजरेंZee News हिन्दी
मतगणना की तैयारियां पूरी, आज आयेगा फैसलाLive हिन्दुस्तान
जम्मू कश्मीर में कल होगी वोटों की गिनतीBhasha-PTI
Patrika -Nai Dunia -Dainiktribune
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आज तक

उ. कोरिया ने दी व्हाइट हाउस उड़ाने की धमकी
आज तक
उत्तर कोरिया ने अमेरिका पर विवादित फिल्म 'द इंटरव्यू' के जरिए देश के सर्वोच्च नेतृत्व को अपमानित करने के लिए षडयंत्र रचने का आरोप लगाया है. यही नहीं, उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आवास व्हाइट हाउस को उड़ाने की धमकी भी दे दी है. ब्रिटिश समाचार एजेंसी 'डेली मेल' में रविवार को छपी रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया ने 24 नवंबर को सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट पर हुए साइबर हमले के बाद अमेरिकी सरकार और अन्य अमेरिकी संस्थानों के खिलाफ और हमले करने की धमकी दी है. सोनी पिक्चर्स पर हमले के बाद सिनेमा की रिलीज तिथि रद्द करनी पड़ी. उत्तर कोरिया अपने नेता किम जोंग-उन की ...
उत्तर कोरिया ने व्हाइट हाउस उड़ाने की धमकी दीPatrika
फिल्म से भड़का उत्तर कोरिया, व्हाइट हाउस उड़ाने की धमकी!आईबीएन-7
नॉर्थ कोरिया ने दी वाइट हाउस उड़ाने की धमकीनवभारत टाइम्स
ABP News -दैनिक जागरण -khaskhabar.com हिन्दी
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ABP News

मुंबई हमले का मास्टर माइंड देखता था पोर्न!
ABP News
नई दिल्ली: मुंबई हमले ''खुफियागीरी के इतिहास में सबसे गंभीर चूकों में से एक'' के परिणाम के चलते हुए जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन और भारतीय गुप्तचर एजेंसियां भारत की वित्तीय राजधानी पर हमले को टालने के लिए अपने हाईटेक निगरानी तंत्र द्वारा जुटाई गयी जानकारी को एक साथ रखने में नाकाम रहीं . भारत, अमेरिकी, ब्रिटिश खुफिया एजेंसियों को थी 26/11 हमलों की जानकारी: न्यू यॉर्क टाइम्स (यहां पढ़ें मुंबई हमला क्यों नहीं रोक पाए?) तीन देशों की खुफिया एजेंसियां अपने हाईटेक निगरानी और अन्य उपकरणों द्वारा जुटाई गइ सभी जानकारी को एकसाथ रखने में नाकाम रहीं, जिनसे आतंकी हमले को ...
खुफियागिरी में चूक का नतीजा था 26/11 का मुंबई अटैकSahara Samay
खुफियागीरी के इतिहास में चूक का परिणाम थे मुंबई हमलेVeer Arjun
खुफियागिरी के इतिहास में सबसे बड़ी चूक का नतीजा था मुंबई हमला : रिपोर्टएनडीटीवी खबर
आज तक -प्रभात खबर -Worldnow
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ज़नाब एक नज़र इधर भी...

  • हाई टेंशन तार टूटने से 2 लोगो की मौत कई घायल |

    जौनपुर : आज 15.12.2014 को लगभग दोपहर 1:00 बजे  हाई टेंशन तार टूटने से बड़ा हदाशा जानकारी के मुताबिक जौनपुर  सिपाह में हाई टेंशन तार एक बस पर टूट कर गिरने से पूरी बस में करेंट  दौड़ गया और बस में अफरा तफरी मच गयी बस के पास खड़ी एक ट्रक में आग लग गयी , दमकल  की सहायता से आग पर काबू पाया गया  और घायल लोग को एम्बुलेंसः की साहयता से अस्पताल पहुचाया गया |समाचार लिखे जाने तक 2 की मौत कई लोगो  ल के गंभीर रूप से  घायल की पुष्टि हो चुकी है | रिपोर्टर : सुशांत चौबे (जौनपुर )..

  • पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर राजनीति के 'युवा तुर्क'

    भारतीय राजनीति में 'युवा तुर्क' के नाम से विख्यात पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर को उनके बेलौस विचारों और साहस तथा अडिग विश्वास के लिए याद किया जाएगा। चंद्रशेखर का जन्म 17 अप्रैल 1927 को उत्तरप्रदेश के बलिया जिले में इब्राहिम पट्टी गाँव के एक किसान परिवार में हुआ था। दस नवंबर 1990 से 21 जून 1991 के बीच 11वें प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करने वाले चंद्रशेखर की बचपन से ही राजनीति में गहरी रुचि थी। छात्र राजनीति के दौर से ही उनके भीतर तेजतर्रार आदर्शवाद और क्रांतिकारी तेवर विद्‍यमान थे।चंद्रशेखर ने 1950-1951 के दौरान इलाहाबाद विश्वविद्‍यालय से राजनीति शास्त्र में स्नात्तकोत्तर डिग्री हासिल की और उसके बाद वह समाजवादी आंदोलन से जुड़ गए। वे आचार्य नरेंद्र देव से बहुत करीब से जुड़े थे और ..

  • लालू-मुलायम अब बनेंगे समधी |

    नई दिल्ली। सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की दोस्ती जल्द ही रिश्तेदारी में बदलने वाली है। खबर है कि लालू की बेटी मुलायम सिंह यादव के घर की बहू बनने वाली हैं। दरअसल मुलायम सिंह के पोते तेज प्रताप यादव की लालू प्रसाद की छोटी बेटी लक्ष्मी के साथ शादी होने वाली है। और खबरों की माने तो दोनों की शादी पक्की हो गई है।   हाल ही में तेज प्रताप यादव मैनपुरी संसदीय सीट से लोकसभा सांसद बने हैं। तेज प्रताप मुलायम के दिवंगत भतीजे रणवीर सिंह के बेटे हैं। दोनों की दिसंबर में सगाई होने की खबर है और शादी अगले साल फरवरी में हो सकती है।   लालू के बीच तल्खीक की शुरुआत 1990 के दशक में शुरू हुई थी। 1997 में संयुक्ती मोर्चा की सरकार गठन के दौरान मुलायम ने प्रधानमंत्री पद के लिए ..

  • रामपाल के कमरे में मिली प्रेग्नेंसी किट, गद्दी के नीचे हथियारों का जखीरा

    बरवाला स्थित संत रामपाल के सतलोक आश्रम में हरियाणा पुलिस के विशेष जांच दल (एसआइटी) द्वारा शुक्रवार को आश्रम की तलाशी के दौरान हैरान करने वाले तथ्य सामने आए जहां आश्रम में रामपाल के एक कक्ष से लगे कमरे से गर्भ की जांच करने का एक उपकरण भी मिला है। पुलिस को आश्रम के एक बाथरूम में अचेतावस्था में बंद एक महिला भी मिली। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। महिला की पहचान मध्य प्रदेश के अशोक नगर की बिजलेश के तौर पर की गई है।   तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने परिसर में छिपे तीन लोगों को हिरासत में ले लिया जहां से बुधवार को 63 वर्षीय विवादास्पद संत को हत्या के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।पुलिस विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि दल को .32 बोर की तीन रिवॉल्वर, 19 एअरगन, दो डीबीबीएल 12 बो..

  • फिर लहराया गणित के क्षेत्र मेँ भारत का झंडा |

    भारतीय मूल के दो प्रोफेसरों को गणित के क्षेत्र में ग्लोबल पुरस्कार दिया गया है। इनमें से एक को फील्ड मेडल दिया गया है जिसे ‘गणित के नोबेल पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता है। सियोल में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ मैथेमेटिक्स में इंटरनेशनल मैथमेटिकल यूनियन (आईएमयू) ने मंजुल भार्गव को फील्ड मेडल और सुभाष खोट को रॉल्फ नेवानलिन्ना पुरस्कार से नवाजा है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर भार्गव उन चार विजेताओं में से थे जिन्हें प्रत्येक चार में प्रदान किए जाने वाले इस फील्ड मेडल के लिए चुना गया है। भार्गव को फील्ड मेडल ज्यामितिय संख्या में नई पद्धति को विकसित करने के लिए दिया गया है, जबकि खोट को नेवानलिन्ना पुरस्कार यूनिक गेम्स की समस्याओं को परिभाषित करने, इसकी जटिलताओं..

  • सिर झुकाना नहीं आता

    इतनी मुश्किलें हैं फिर भी उसकी महफ़िल में जाकर मुझको गिडगिडाना नहीं भाता…   वो जो चापलूसों से घिरे रहता है वो जो नित नए रंग-रूप धरता है वो जो सिर्फ हुक्म दिया करता है वो जो यातनाएँ दे के हँसता है मैंने चुन ली हैं सजा की राहें क्योंकि मुझको हर इक चौखट पे सर झुकाना नहीं आता…       उसके दरबार में रौनक रहती उसके चारों तरफ सिपाही हैं हर कोई उसकी इक नज़र का मुरीद उसके नज़दीक पहुँचने के लिए हर तरफ होड मची रहती है और हम दूर दूर रहते हैं लोगों को आगाह किया करते हैं क्या करें, इतनी ठोकरें खाकर भी मुझको दुनियादारी निभाना नहीं आता…   अनवर सुहैल..

  • कुछ यादे (बिछडे लम्हों की )

    वो बचपन ..वो नादानिया वो शरारते ..वो मनमानिया "वो गावं ..वो गलियारे वो आँगन ..वो चोबारे .... जहाँ रिस्तो की ऊँगली पकड़कर मैंने ख़ुद को पहली बार नन्हे कदमो पर चलते देखा था रिस्तो का वो एक मेला था जहाँ हर एक कंधे पर मने ख़ुद को झूलते देखा था " सरकार की नोकरी ने घर की जरूरतों ने पापा को विदेश का रास्ता दिखाया था॥ ६साल की थी जब ,नम आँखों से उस प्लेन को उड़ान भरते देखा था 'भीगी भीगी पलकों से .. माँ को चिट्ठियाँ पढ़ते देखा था टूटी फूटी सब्द रचना से ख़ुद को चिट्ठिया लिखते देखा था " खेतो के बीच से निकली उस पगडण्डी पर मैंने ख़ुद को स्कूल जाते देखा था नन्हे नन्हे कदमो से जब नदिया के पुल से उतरती थी तो ख़ुद को नदिया की गहरायी के डर से उबरते देखा था बढ़ते कद के साथ.. अपनी मासूमियत को शातानियो में बदलते देखा था " ख़..

  • नेता और भगवान |

    नेता को जनता चुनती है भगावान को भक्त ठीक है, नेता जनता के बीच से निकलते है भगवान संतो के बीच से, नेता भी  जनता से अछ्छी तरह परिचित होते भगवान भी भक्तो से  यह भी ठीक है|  लेकिन अंतर कहाँ है देखते है ? भगवान भक्त के प्रेम को देखते  है, नेता जी दौलत को देखते है | भगवान सबको गले लगते है नेता जी अपने फायदे के हिसाब से | भगवान भक्त से मिलने के लिये खुद आते है , नेता जी के यहाँ अर्जी देनी पडती है | भगवान भक्तो के दिल मे बसते है नेता जी जाति, सम्प्रदाय, मे बसते है भगवान भक्तो का भला चाहते है , नेता जी अपना | भगवान देते है नेता जी लेते है | भगवान भक्त के आगे झुकते है, नेता जि झुकाते है | भगवान जाति पात, अमीर गरीब,मे भेद नही करते, नेता जी ...............? हम(आत्मा) भगवान ( परमात्मा) दोनो एक ही है कोयी भेद नही है|   जब तक नेता ..

  • विजयी के सदृश जियो रे - रामधारी सिंह दिनकर

    वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं तोड़ो पीयूष चन्द्रमाओं का पकड़ निचोड़ो   चढ़ तुंग शैल शिखरों पर सोम पियो रे योगियों नहीं विजयी के सदृश जियो रे   जब कुपित काल धीरता त्याग जलता है चिनगी बन फूलों का पराग जलता है सौन्दर्य बोध बन नयी आग जलता है ऊँचा उठकर कामार्त्त राग जलता है   अम्बर पर अपनी विभा प्रबुद्ध करो रे गरजे कृशानु तब कंचन शुद्ध करो रे   जिनकी बाँहें बलमयी ललाट अरुण है भामिनी वही तरुणी नर वही तरुण है है वही प्रेम जिसकी तरंग उच्छल है वारुणी धार में मिश्रित जहाँ गरल है   उद्दाम प्रीति बलिदान बीज बोती है तलवार प्रेम से और तेज होती है   छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये मत झुको अनय पर भले व्योम फट जाये दो बार नहीं यमराज कण..

  • भ्रष्टाचार तभी मिट सकता है जब हमारे और आपके अंदर से आवाज उठनी चाहिये कि हम क्या है |

     हम या आप कुछ कर सकते तो ईतना ही कि एक ग्वाला दूध मे  मिलावट करने से पहले ए सोचे कि ऐ  नौजवान होने वाले  बच्चे हमारे देश के भविश्य है जिसे  मै  मिलावट वला दूध पिला रहा हू , एक शिक्षक ऐ सोचे कि हम हमे इन बच्चो  को शिक्षा देनी ही हमारी प्रथिमकता है ऐ हमारे देश के भविशय है , हम ऐ सोचे कि हमारे घर मे 5 वाट के बल्ब से भी रोशनी हो सकती है , हो सकता है कि  10-20 वर्ष मे ईमांदारी  कि जडे पकड ले या शुरुआत हो जाये |  जब हम अभी से अपने अंदर कि कमियो को अगली पीढी मे नही आने के लिये  उत्प्रेरित करगे, तो लगेगा कि सही रूप मे भ्रस्टाचार के खिलाफ खडे हो गये है | विचार बहुत ही बुनियादी है , लेकिन सहमति नही बनती है ,हमारे 3 -10 लगो के विचार मिल सकते है ,  शिर्फ  विचार ही मिल रहे रहे ना तो मै कायाम हू ना तो आप कायम है (हो ..

  • कोयी चांद पर कविता तभी लिख सकता है जब उसका पेट भरा हो , भुखे आदमी को चांद भी रोटी नजर आती है

    यह पहले भी कह चुका हू अब भी कह रहा हू| आज तक  चैनेल ने ' ऑपरेशन आम आदमी' के जरिए जो खुलासा हुआ है कि कैसे जारी है भ्रष्टाचार| आप किसी भी शहर या प्रदेश से जुडे हो , आप अछ्छी तरह देख रहे होगे सुन रहे होगे , कि  कैम्प लगा है आज आप किसी भी पार्टी की सदस्यता लिजिये, चाहे कोयी भी पार्टी हो  कोयी मानक नही है,  लगता है जैसे संख्या बढानी हो इस जनपद मे, ईतने लोगो ने, इस जनपद मे इतने लोगो ने , सदस्यता ग्रहण की| कौन जुड रहा है, चोर है , ईमांदार है, भ्रश्ट है, कोयी  मानक नही है ना ही मतलब है, कौन लोग जुडने कि कोशिश मे लगे है हम आप अछ्छी तरह जानते है, क्यो कि हमे आप को लगता है कि  फलाँ पार्टी का भविश्य अछ्छा है अभी से जुड जायेगे तो  तो हो सकता है कि आगे चल कर विधायक आदि बन जाये , या प्रशासन के  उपर धौश जमा कर अपना काम ..

  • कविता: नए साल की शुभकामनाएँ!

    1. खेतों को नाज मिले बैलों को सानी जंगल को पेड़ मिलें नदिया को पानी     बिटिया को प्‍यार मिले बेटे को काज तवे को रोटी मिले चूल्‍हे को आग   बटिया को राही मिले प्‍यासे को कुवाँ बच्‍चों को खेल मिले चिमनी को धुवाँ   जुगनू को रा‍त मिले चिडि़या को आसमान ‘होरी’ को मान मिले संघर्ष को दास्‍तान   सागर भी नीला रहे पर्वत हो धानी ऐसा हो नया साल सपनों के मानी लेखक कमल जोशी          2. नये साल की शुभकामनाएँ! खेतों की मेड़ों पर धूल-भरे पाँव को, कुहरे में लिपटे उस छोटे-से गाँव को, नए साल की शुभकामनाएँ!   जाते के गीतों को, बैलों की चाल को, करघे को, कोल्हू को, मछुओं के जाल को, नए साल की शुभकामनाएँ!   इस पकती रोटी को, बच्चों के शोर को, चौंके की गुनगुन को, चूल्हे की भोर को, नए साल की शुभकामनाएँ! &n..

  • तुम अपनी हो, जग अपना है

    तुम अपनी हो, जग अपना है किसका किस पर अधिकार प्रिये फिर दुविधा का क्या काम यहाँ इस पार या कि उस पार प्रिये । देखो वियोग की शिशिर रात आँसू का हिमजल छोड़ चली ज्योत्स्ना की वह ठण्डी उसाँस दिन का रक्तांचल छोड़ चली । चलना है सबको छोड़ यहाँ अपने सुख-दुख का भार प्रिये, करना है कर लो आज उसे कल पर किसका अधिकार प्रिये । है आज शीत से झुलस रहे ये कोमल अरुण कपोल प्रिये अभिलाषा की मादकता से कर लो निज छवि का मोल प्रिये । इस लेन-देन की दुनिया में निज को देकर सुख को ले लो, तुम एक खिलौना बनो स्वयं फिर जी भर कर सुख से खेलो । पल-भर जीवन, फिर सूनापन पल-भर तो लो हँस-बोल प्रिये कर लो निज प्यासे अधरों से प्यासे अधरों का मोल प्रिये । सिहरा तन, सिहरा व्याकुल मन, सिहरा मानस का गान प्रिये मेरे अस्थिर जग को दे दो तुम प्राणों क..

  • यह पल-भर का उन्माद प्रिये।

    बस इतना--अब चलना होगा फिर अपनी-अपनी राह हमें । कल ले आई थी खींच, आज ले चली खींचकर चाह हमें तुम जान न पाईं मुझे, और तुम मेरे लिए पहेली थीं; पर इसका दुख क्या? मिल न सकी प्रिय जब अपनी ही थाह हमें । तुम मुझे भिखारी समझें थीं, मैंने समझा अधिकार मुझे तुम आत्म-समर्पण से सिहरीं, था बना वही तो प्यार मुझे । तुम लोक-लाज की चेरी थीं, मैं अपना ही दीवाना था ले चलीं पराजय तुम हँसकर, दे चलीं विजय का भार मुझे । सुख से वंचित कर गया सुमुखि, वह अपना ही अभिमान तुम्हें अभिशाप बन गया अपना ही अपनी ममता का ज्ञान तुम्हें तुम बुरा न मानो, सच कह दूँ, तुम समझ न पाईं जीवन को जन-रव के स्वर में भूल गया अपने प्राणों का गान तुम्हें । था प्रेम किया हमने-तुमने इतना कर लेना याद प्रिये, बस फिर कर देना वहीं क्षमा यह पल-भर का उन्माद प्रिये। ..

  • नारी जीवन और उसकी पिडा

    आज के इस दौर मे नारी जीवन महज एक समझौते पर निर्धारित हो गया है समाज मेँ नारी का अस्तित्व मजाक बन कर रह गया है, समाज के वर्तमान पेरिवेश मे नारी को हर जगह सहना पड रहा है या समझौता करना पड रहा है,  क्या एक पुरुष इस पीडा का अनुमान लगा सकता है, जो एक नारी सहती  चली आ रही है |   पुरुष तो उस पीडा की कल्पना भी नही कर सकता है, समाज से जैसे इंसानियत समाप्ति की तरफ बढ रही है , और हर तरफ भ्रष्टाचार , बहिस्कार, बलात्कार फैलता जा रहा है हर तरफ शिकरी शिकार ढुढने लगा है , कौन भेडिया  किस रुप मे घूम रहा है समझना मुस्किल है , हैवानियत इतनी बढ गयी है कि अपने खून के रिश्ते भी शर्मसार हो रहे है | इस तरह के लोग समझ नही पा रहे है , नारी शक्ति स्वरुप है , जिसके बल पर यह संस्सर कायम है |     यह नारी किससे कहे कहाँ फरियाद करे , इ..

  • श्री रामकृष्ण परमहंस - तर्क से धर्म प्राप्त नहीं हो सकता।

    श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने नित्य बहुत सारे लोग आते थे,वे उनसे तरह तरह के तर्क करते रहते थे,रामकृष्ण सभी के तर्को का जवाब खुशी खुशी देते थे।एकबार केशवचन्द्र नामक बहुत बड़े विद्वान तार्किक उनके पास तर्क करने पहुँचे,केशवचन्द्र रामकृष्ण को अपने तर्को से हराना चाहते थे।रामकृष्ण तो पढ़े लिखे नहीं थे,परन्तु वे सिद्ध पुरुष थे,परन्तु केशवचन्द्र के नजर में वे गंवार थे।उस दिन काफी चर्चा से बहुत भीड़ जुट गई,सबलोग सोच रहे थे कि रामकृष्ण अवश्य हार जायेंगे कारण उस सदी के सबसे बड़े विद्वान,तार्किक जो पधारे थे।केशवचन्द्र ईश्वर के खिलाफ तर्क देने लगे,रामकृष्ण विरोध नहीं करके उनकी प्रशंसा करने लगे,क्या दलील दी आपने।केशवचन्द्र सोच रहा था कि रामकृष्ण मेरे तर्को को गलत कहेगा तभी तो तर्क विवाद बढ..

  • हिंदू विवाह के सात फेरे और सात वचन

    विवाह = वि + वाह, अत: इसका शाब्दिक अर्थ है - उत्तरदायित्व का वहन करना। पाणिग्रहण संस्कार को सामान्य रूप से हिंदू विवाह के नाम से जाना जाता है। अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का बंधन होता है जिसे कि विशेष परिस्थितियों में तोड़ा भी जा सकता है, परंतु हिंदू विवाह पति और पत्नी के बीच कयी जन्मो का सम्बंध होता है जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं तोड़ा जा सकता। अग्नि के सात फेरे लेकर और कयी चोजो को साक्षी मान एक पवित्र बंधन होता हैं। हिंदू विवाह में मे इस संम्बंध को अत्यंत पवित्र माना गया है। सात फेरों और सात वचन विवाह के बाद कन्या वर के वाम अंग में बैठने से पूर्व उससे सात वचन लेती है। कन्या द्वारा वर से लिए जाने वाले सात वचन इस प्रकार है। वचन 1 तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञक..

  • चिठ्ठी आई है ( प्रताप सोमवंशी)

    भइया की चिठ्ठी आई है घर भर की बातें लाई है पहले लिखा तुम्हे प्यार है और आगे भाभी बीमार है छुटकी को अक्सर बुखार है लिखी अम्मा की पुकार है   आंखे जैसी की तैसी है, गठिया की हालत वैसी है अब तो बेटे है ये लगता, मौत ही जैसे अंतिम हल है शेष कुशल है       घर में पैसे चार नहीं है मिलता कही उधार नहीं है भाई जबसे दिन बिगड़े हैं, कोई नातेदार नही है। छोटे का तुम हाल न पूछो मोटी कितनी खाल न पूछो अरजी आज नई दे आया, और अगला इंटरव्यू कल है शेष कुशल है   बहना का संदेश आया है, उसने फिर ये कहलाया है। सामान और नगदी की खातिर, सास-ससुर ने धमकाया है। कुछ न कुछ सहते रहते हैं, ऐसे दिन कटते रहते हैं। ये सब छोड़ो अपनी लिखना, बीत रहे कैसे छिन-पल हैं। शेष कुशल है।   बप्पा खुद से जूझ रहे हैं, कब आओगे पूछ रहे हैं। लिख दो ख्याल र..

  • संपादकीय : प्रजातन्त्र कैसे हो सकता है अपने मूल रुप मे फलीभूत |

    सविंधान मे राजनितिक दल नाम की कोयी चीज नही है| सरकार बनाने के लिये सदन का बहुमत हासिल होने की शर्त रखी गयी है | समूह बनाने का मौलिक अधिकार  सविधान मे दिया गया है, इसी समूह बनाने की आजादी के मौलिक अधिकार की भावना के तहत लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 सँसद  मे बनाया गया | इसी नियम के तहत राजनितिक दलो का वजूद आया और उनकी पंजीकरण की व्यवस्था की गयी | राजनितिक दलो की सदस्यता देश के सभी नाग्रिको के लिये मुक्त रखी गई है | इसी प्रविधान का सहारा लेकर किसी भी राजनितिक दल का अध्यकक्ष अपने सगे सम्बधियो को अपने ही राजनितिक दल मे सामिल कर लेता है और पार्टी को राजतन्त्र  की उत्तराधिकारी वाली व्यस्था मे परिवर्तित कर देता है, इस प्रकार प्रजातन्त्र की मूल भावना की हत्या हो जाती है | कितना अच्छा होता कि लोकप्रति..

  • चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो

    1. चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो चाहे गीता पढ़ो या आमिले कुरान बनो चाहे ईसाई बनो या के सिख बन जाओ हर मजहब कहता है पहले मगर इंसान बनो         2. तड़पते दिल की सदाएँ सुनो करो कोशिश बेकरारों को सुकूनो करार दे जाओ जो भी आया है वो जाने के लिए आया है आदमी हो तो आदमी को प्यार दे जाओ 3. आँख हिन्दू है मेरी दिल है मुसलमान मेरा बताओ दफ़्न करोगे के तुम जलाओगे और इसी बात पे दोनों ही अगर झगडे तो मेरी मिट्टी को ठिकाने कहाँ लगाओगे? 4. राम दिल्ली में तो मुंबई में बिक गई सीता कृष्ण मथुरा में तो काशी में बिक गई गीता चलन इस दौर का कैसा ये हो गया लोगो आज हर दिल लगे है प्यार से रीता-रीता 5. टूट जाती है साँस जब तेरी लोग उल्फ़त का सिला देते हैं खाक पर खाक डाल कर तेरी खाक में खाक मिला देते हैं 6. दोस्तों को दिल दुखाना ..

  • गौतम बुद्ध- वैग्यानिक पहलू (Indusial Identity Born Due To Pre conception of Mind)

    गौतम बुद्ध ने देखा कि वह पिपल का पत्ता जिसके निचे वे बैठ कर तपस्यारत थे ओ पत्ता और उनका शरीर एक समान है | इसमे से किसी का न प्रिथक अस्तितव (separate existence ) है न वह अस्तित्व स्थाई है (or not stable ) समस्त संस्सारिक प्रपंचो का परस्परअल्म्बन (Dependent To Each Other) देखकर बुद्ध ने समस्त प्राणियो की खोखली प्रक्रित (Nature) को समझ लिया था कि सब प्रिथक और सव्तंत्र अस्तित्व से रहित है | उनको इस सत्य का साक्षात्कार हुआ कि मुक्ति के कुंजी परस्पर अवल्मबन था अनात्म के सिद्धोन्तो मे ही निहित है | अपने शरीर , भावनाओ , अवधारणाओ , मानशिक भाव बोध और चेतना की नदियो के प्रकाश की अनुभुती से बुद्ध समझ गये थे कि जीवन के परम आश्यक तत्व है- अनित्यता था अन्नात्म | यदि ये न हो तो न तो कुछ अस्तित्वान हो और न उसका विकाश हो | यदि धान ( Tree Of Rice ) अनित्य एवँ अनात्म भा..

  • हिंदू धर्म क्या कहता है ?

    हिंदू धर्म क्या कहता है ?   हिंदू धर्म मे इन चार की  चर्चा की गयी है चार वर्ण-  क्षत्रिय, ब्राहम्ण, वैश्य, सुद्र चार आश्रम – ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास चार पुरसार्थ – धन , धर्म , काम, मोक्ष.   चार वर्ण -पहले वर्ण कर्म के अनुसार निर्धारित होता था आज के समय मे आनुवंशिक हो गया है, राजा का लडका  राजा होगा मुख्य मंत्री का लडका मुख्य मंत्री होगा , विधायक का लडका विधायक होगा, सांसद का लडका सांसद होगा,  कोशिश यही रहती है |   चार आश्रम -पहले  यह निर्धारित था और आज के के समय मे आश्रम का कोयी क्रम निर्धारित नही है इनमे से (ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास)     चार पुरसार्थ- (धन , धर्म , काम, मोक्ष) – आज के समय मे धन और काम ही पुरसार्थ मे बचा है धर्म और मोक्ष विलुप्त हो गया ह..

  • नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं

    नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं, हम छलनी में पानी भरने निकले हैं। आँसू पोंछ न पाए अपनी आँखों के और जगत की पीड़ा हरने निकले हैं। पानी बरस रहा है जंगल गीला है, हम ऐसे मौसम में मरने निकले हैं। होंठो पर तो कर पाए साकार नहीं, चित्रों पर मुस्कानें धरने निकले हैं। पाँव पड़े न जिन पर अब तक सावन के ऐसी चट्टानों से झरने निकले हैं।   जिंदगी को जुबान दे देंगे    जिंदगी को जुबान दे देंगे धडकनों की कमान दे देंगे हम तो मालिक हैं अपनी मर्ज़ी के जी में आया तो जान दे देंगे रखते हैं वो असर दुआओं में हौसले को उड़ान दे देंगे जो है सहमी पड़ी समंदर में उस लहर को उफान दे देंगे जिनको ज़र्रा नही मयस्सर है उनको पूरा जहान दे देंगे करके मस्जिद में आरती-पूजा मंदिरों से अजान दे देंगे मौत आती 'किरण' है आ जाए तेर..

  • दोस्ती किस तरह निभाते हैं (कविता किरण)

    दोस्ती किस तरह निभाते हैं, मेरे दुश्मन मुझे सिखाते हैं। नापना चाहते हैं दरिया को, वो जो बरसात में नहाते हैं। ख़ुद से नज़रें मिला नही पाते, वो मुझे जब भी आजमाते हैं। ज़िन्दगी क्या डराएगी उनको, मौत का जश्न जो मनाते हैं। ख़्वाब भूले हैं रास्ता दिन में, रात जाने कहाँ बिताते हैं।  ..

  • मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में ( पूर्णिमा वर्मन)

    कभी इन्कार चुटकी में, कभी इक़रार चुटकी में कभी सर्दी ,कभी गर्मी, कभी बौछार चुटकी में ख़ुदाया कौन-से बाटों से मुझको तौलता है तू कभी तोला, कभी माशा, कभी संसार चुटकी में कभी ऊपर ,कभी नीचे ,कभी गोते लगाता-सा अजब बाज़ार के हालात हैं लाचार चुटकी में ख़बर इतनी न थी संगीन अपने होश उड़ जाते लगाई आग ठंडा हो गया अख़बार चुटकी में न चूड़ी है, न कंगन है, न पायल है ,न हैं घुँघरू मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में  ..

  • जब तक आम आवाम नही सुधरेगी , देश सुधर ही नही सकता

    कयी पहलुओ पर ध्यान देना होगा, पहले हम  सोचते है सरकारी मुलाजि के बारे मे जिससे व्यस्था संचालित होती है ( जिला अधिकारी से लेकर  फोर्थ क्लास  तक ) – चाहे आप विकलांग हो, चाहे आप पिछडे वर्ग से हो , चाहे आप किसी वर्ग से समबंधित हो , सरकार  कि किसी  भी स्कीम का लाभ लेना चाहते हो , उसका लाभ लेने के लिये आप को लोहे के चने चबाने पडí..

  • जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें ( वर्षा सिंह)

    जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें । इंतज़ार की पीड़ा सहतीं, रात जगी बूढ़ी आँखें । दुनिया का दस्तूर निराला, स्वारथ के सब मीत यहाँ फ़र्क नहीं कर पातीं कुछ भी, नेह पगी बूढ़ी आँखें । आते हैं दिन याद पुराने, अच्छे-बुरे, खरे-खोटे, यादों में डूबी-उतरातीं, बंद-खुली बूढ़ी आँखें । मंचित होतीं युवा पटल पर, विस्मयकारी घ..

  • बेहतर दुनिया (नवनीत शर्मा)

    बेहतर दुनिया, अच्‍छी बातें, पागल शायर ढूंढ़ रहे हैं ज़हरीली बस्‍ती में यारो, हम अमृतसर ढूंढ़ रहे हैं   ख़ालिस उल्‍फ़त,प्‍यार- महब्‍बत, ख़्वाब यक़ीं के हैं आंखों में  दिल हज़रत के भी क्‍या कहने ! बीता मंज़र ढूंढ़ रहे हैं   सीख ही लेंगे साबुत रहना अपनी आग में जल कर भी हम  दर्द को किसने देखा पहले तो अपना सर ढूंढ रहे हैं ..

  • मुल्क तेरी बर्बादी के

    मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है , चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है   ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ , रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है   हर गली में, हर सड़क पे ,मौन पड़ी है ज़िंदगी , हर जगह मरघट से हालात नज़र आते है   सुनता है आज कौन द्रौपदी की चीख़ को , हर जगह दुस्सासन सिपहसालार नज़र आते है   सत्ता से समझ&#..

  • चल मन, उठ अब तैयारी कर

    चल मन, उठ अब तैयारी कर यह चला - चली की वेला है । कुछ कच्ची - कुछ पक्की तिथियाँ कुछ खट्टी - मीठी स्मृतियाँ स्पष्ट दीखते कुछ चेहरे कुछ धुँधली होती आकृतियाँ है भीड़ बहुत आगे - पीछे, तू, फिर भी आज अकेला है । माँ की वो थपकी थी न्यारी नन्ही बिटिया की किलकारी छोटे बेटे की नादानी, एक घर में थी दुनिया सारी चल इन सबसे अब दूर निकल, दुन..

  • पेन्सिल की कहानी !

    एक बालक अपनी दादी मां को एक पत्र लिखते हुए देख रहा था। अचानक उसने अपनी दादी मां से पूंछा, " दादी मां !" क्या आप मेरी शरारतों के बारे में लिख रही हैं ? आप मेरे बारे में लिख रही हैं, ना " यह सुनकर उसकी दादी माँ रुकीं और बोलीं , " बेटा मैं लिख तो तुम्हारे बारे में ही रही हूँ, लेकिन जो शब्द मैं यहाँ लिख रही हूँ उनसे भी अधिक महत्व इस &..

  • मेहदी हसन साहब की एक उम्दा गज़ल

    तेरी आँखो को जब देखा  कँवल कहने को जी चाहा  मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा तेरा नाजुक बदन छूकर  हवाएं गीत गाती है  बहारें देखकर तुझको  नया जादू जगाती है  तेरे होठों को कलियों का  बदल कहने को जी चाहा मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा इजाजत हो तो आँखो में  छुपा लूं, ये हंसी जलवा  तेरे रुख़साë..

  • महान क्रन्तिकारी-अशफाक: एक पत्र देशवासियों के नाम !

    मेरे प्यारे देशवासियों, भारत माता को आजाद करवाने के लिए रंगमंच पर हम सभी भूमिका अदा कर चुके है | गलत किया या सही, हमने जो भी किया, स्वंतत्रता पाने की भावना से प्रेरित होकर किया | हमारे अपने निंदा करे या प्रंशसा, लेकिन हमारे दुश्मनों तक को हमारी हिम्मत और वीरता की प्रंशसा करनी पड़ी है | कुछ लोग कहते है की हमने गुलामी ..

  • स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण

    स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण, विश्व धर्म महासभा में जिसने पुरे विश्व के जन मानश को झकझोर दिया था |  मेरे अमरीकी भाइयो और बहनों!  आपने जिस सौहार्द और स्नेह के साथ हम लोगों का स्वागत किया हैं उसके प्रति आभार प्रकट करने के निमित्त खड़े होते समय मेरा हृदय अवर्णनीय हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। संसार में &#..

  • मन के हारे हार है मन के जीते जीत !

    दोस्तों , बहुत दिनों से आप अपने आपको थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहे हैं ! मन में भी नकारात्मक भाव आ रहे हैं ,कोई उमंग महसूस नहीं हो रही है ! जिंदगी बोझिल सी हो रही है ! ऐसे में आप किसी डॉक्टर के पास जाते हैं ! वो आपकी पूरी जांच करने के बाद गंभीर स्वर में आपसे कहता है ,--'माफ़ कीजिएगा ! लेकिन आपकी reports देख कर मुझे लगता है की अगले एक सा&#..

  • हम और आप (स्म्मान और आत्म्समान )

    हम पैदा होते है धीरे धीरे बडे होते है स्कूल जाने लगते है क, ख, ग ( A, B, C, ) सिखना चालू करते है, थोडा और बडे होते है , क से कबूतर , ख से खरगोश , ग से गमला और ( A for Apple , B for Bat, C for Cat ) सीख लेते है , फिर बहूत कुछ सिखते है , पास होते है फेल होते है, कोयी I.A.S . बनता है कोयी P.C.S. बनता है कोयी बाबू बनता है , कोयी चपरासी बनता है , कोयी नेता बनता है कोयी कार्यकर्ता बनता है |  फिर ..


एनडीटीवी खबर

बीजेपी और आरएसएस नेताओं की बैठक में विवादास्पद टिप्पणियों से बचने पर बनी सहमति
एनडीटीवी खबर
नई दिल्ली: मुस्लिमों और ईसाइयों के धर्म परिवर्तन को संसद में मचे हंगामे के बाद बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं ने आज राष्ट्रीय स्वयंशेवक संघ (आरएसएस) नेताओं से मुलाकात की। खबर है कि इस बैठक में विवादास्पद बयान से बचने को लेकर सहमति बनी, जिससे कि आर्थिक सुधार के पीएम मोदी के एजेंडे से ध्यान ना भटकने पाए। सरकार के साथ बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निवास पर यह बैठक बुलायी गई, जिसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और संघ के दूसरे बड़े कद्दावर नेता भैय्याजी जोशी के अलावा केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, अरुण जेटली और सुषमा स्वराज ने शिरकत की।
धर्मांतरण के मुद्दे पर जनता की राय जानेगी भाजपाLive हिन्दुस्तान
धर्मांतरण पर संसद में चर्चा के लिए भाजपा और RSS के नेताओं ने की बैठकZee News हिन्दी
संघ और भाजपा की बैठक में उठा धर्मांतरणNai Dunia

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Oneindia Hindi

आडवाणी ने खारिज किया मोदी का 'एज फॉर्मूला', कहा सियासत के लिए अनुभव की जरुरत
Oneindia Hindi
नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी पार्टी से अलग-थलग कर दिए गए है। उनके अनुभव को दरकिनार कर उन्हें ना तो कैबिनेट में कोई जगह मिली और ना ही पार्टी में कोई ऐसा खास पद। ऐसे में एनडीए सरकार बनने के 6 महीने बाद आडवाणी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोद ने उम्र फॉर्मूले को दरकिनार कर दिया है। आडवाणी ने खारिज किया मोदी का फॉर्मूला, कहा अनुभव है जरुरी. आडवाणी ने उम्र के फार्मूले को खारिज करते हुए कहा कि सियासत के लिए अनुभव जरुरी है। उन्हेंने कहा कि सियासत में अनुभव की भी अहमियत है। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान आडवाणी ने अपने मन की बात कही।
आडवाणी ने खारिज किया मोदी का फॉर्मूला, बोले- सियासत में अनुभव की भी अहमियतआज तक
अटल के जन्मदिन पर मनाएंगे सुशासन दिवसदैनिक जागरण
अटल को जन्मदिन उपहार के रूप में दें मंदिर निर्माण : सेनाNai Dunia

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दैनिक जागरण

PHD स्टूडेंट की जुबानी: ऐसा है मेरा रेपिस्ट!
नवभारत टाइम्स
जिसने मेरे साथ रेप किया उसे जानती हूं। एक फ्रेंड के जरिए उससे मेरी मुलाकात मेडिकल कॉलेज में हुई जब मैं पीएचडी कर रही थी। मैंने उसे एक परिचित के रूप में लिया था और सोचा कि उसकी पढ़ाई में मदद मिल जाएगी। एक दिन उसने मेरे साथ रेप किया। उसे मैंने दिल्ली के साउथ एक्स में अपनी पीजी पर आमंत्रित किया था। वह मुझसे बंगाली फूड बनाने के लिए आग्रह कर रहा था। मैं बिहार के एक छोटे शहर से हूं। मेरे पिता हार्ट के मरीज हैं और एक छोटी बहन है। मेरा खयाल था कि यदि मैंने कुछ गलत किया तो मेरी फैमिली और बहन के लिए मुश्किल हो जाएगी। मेरी छोटी बहन की उम्र शादी करने लायक थी। मैं नहीं चाहती थी ...
रेप हुआ, मत बताओ किसी को, शादी कर लोदैनिक जागरण

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Live हिन्दुस्तान

मजीठिया को लेकर भाजपा-शिअद में दरार के आसार
Live हिन्दुस्तान
अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी गिरोह मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से बिक्रम सिंह मजीठिया को समन मिलने के बाद भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) में जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा जहां मजीठिया के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, वहीं शिअद ने सहयोगी दल की इस मांग को खारिज कर दिया है। इससे दोनों दलों के बीच तनाव बढ़ गया है। इस्तीफे को लेकर विपक्षी दल भी राज्य सरकार पर दबाव बनाए हुए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ ने कहा, मजीठिया को इस्तीफा दे देना चाहिए। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसी आधार पर और इसी मामले में कैबिनेट मंत्री सरवन सिंह फिल्लौर का इस्तीफा मांगा ...
मजीठिया पर फंसी अकाली दल, कहां रोए दुखड़ा?आईबीएन-7
मजीठिया की वजह से टूटेगी बीजेपी-अकाली की दोस्ती?नवभारत टाइम्स
मजीठिया को ईडी का समन, भाजपा ने इस्तीफे की मांग कीप्रभात खबर
दैनिक जागरण -Bhasha-PTI
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Oneindia Hindi

देखें वीडियो: बेजुबान बंदर ने दी इंसानों को सीख, डॉक्‍टर बन बचाया साथी की जान
Oneindia Hindi
कानपुर। कभी-कभी जनवरों से इंसानियत की ऐसी सीख मिल जाती है जो खुद इंसान एक दूसरे को नहीं सिखा पाते। ऐसा ही एक मामला उत्‍तर प्रदेश के औद्योगिक राजधानी कानपुर में सामने आया है। यहां के रेलवे स्टेशन पर 11 हजार वोल्ट की हाइटेंशन लाइन से टकराये अपने साथी को एक बन्दर मौत के मुंह से खींच लाया। दरअसल हुआ ये कि एक बंदर हाई टेंशन तार से चिपक गया जिससे उसे जोर से झटका लगा और वो जमीन पर जा गिरा। देखें वीडियो: बेजुबान बंदर ने दी इंसानों को सीख, डॉक्‍टर बन. बंदर के नीचे गिरते ही लोगों को लगा कि वो मर चुका है। लेकिन उसका एक साथी बंदर उसे ठीक करने में जुट गया। वो बंदर को होश में लाने की ...
देखें वीडियो : यह जानवर है कि इंसान, हरकतें देखकर सभी हुये हैरानInext Live
ये बंदर तो वाकई डॉक्टर है!आईबीएन-7
वायरल वीडियो: बंदर ने 'डॉक्टर' बन बचाई अपने साथी की जानABP News
Live हिन्दुस्तान -Pressnote.in
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Zee News हिन्दी

भुवनेश्वर कुमार को BCCI ने ग्रेड A में रखा, गंभीर और युवराज बाहर
Zee News हिन्दी
नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने सोमवार को गौतम गंभीर और युवराज सिंह को सालाना 'ग्रेडेड रिटेनरशिप' से बाहर कर दिया जबकि उत्तर प्रदेश के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को ग्रेड ए में रखा गया है। बीसीसीआई ने हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग और जहीर खान को भी करार नहीं दिए हैं। एलीट ग्रुप में पिछले साल के चार क्रिकेटरों को ही बरकरार रखा गया हैं। इनमें भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, उपकप्तान विराट कोहली, वनडे विशेषज्ञ सुरेश रैना और आफ स्पिनर आर अश्विन शामिल हैं। पिछले साल ग्रेड ए में पांचवें क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर थे जो रिटायर हो चुके हैं। उनकी जगह भुवनेश्वर ने ली। ग्रुप ए के ...
बीसीसीआई के कॉन्ट्रैक्ट ग्रेड से भी बाहर किए गए युवराज, गंभीरनवभारत टाइम्स
बीसीसीआई ने भुवनेश्वर कुमार को दिया तोहफा, अनुबंधित खिलडियों के ग्रुप ए में शामिल, युवराज-सहवाग आउटप्रभात खबर
युवराज, गंभीर की कॉन्ट्रेक्ट ग्रेड से भी छुट्टीDainiktribune
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आर्यावर्त

कालेधन की वापसी 2015 से शुरू हो जाएगी: रामदेव
आर्यावर्त
बाबा रामदेव ने भरोसा जताया है कि साल 2015 से विदेशों में जमा कालाधन देश में आना शुरू हो जाएगा. रामदेव ने टीवी के एक कार्यक्रम में यह बात कही। रामदेव ने कहा, 'लोग मुझसे फेसबुक और ट्विटर पर भी पूछते हैं कि विदेशों में जमा कालाधन देश में कब आएगा? मैं बस यही कहना चाहूंगा कि 2015 में कालेधन के लिए देश में द्वार ही नहीं, हरिद्वार खुलेगा.' रामदेव से पूछा गया कि आप तो चुनाव से पहले कहा करते थे कि मोदी सरकार के बनते ही 100 दिन के अंदर देश में कालाधन आ जाएगा और हर आम आदमी के खाते में 15 लाख रुपये जमा हो जाएंगे। अब ये 2015 की बात क्यों कह रहे हैं? इसके जवाब में बाबा रामदेव ने कहा, 'आप ...

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फेस टु फेस

जौनपुर : हाई टेंशन तार टूटने से 2 लोगो की मौत कई घायल |

जानिये जनता की समस्या : इनकी जुबानी

Sagar Mandle
Village-Ghorari , Thana-Ranitarai , Block-Patan , Dist-Durg , इस घोरारी नामक गांव मे कच्ची शराब बनाई जाती है...बच्चो से लेकर बुढ्ढे तक इनके जबरदस्त गिरफ्त में है...महिलाए भी शराब की आदि हो चुके है..यहां के युवां वर्ग सिर्फ 30 से 35 साल तक ही जी पाते आगे पढें...

Samar Yadav
जौनपुर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सड़के और बिजली कि समस्या बहुत है इसमे अभी तक कोई सुधार नहीं दिखाई देरहा है उत्तर प्रदेश कि वर्तमान सरकार लाख दवा करले लेकिन समस्या दिन और प्रतदिन और ख़राब होती जारही है! आगे पढें...

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भारत का प्रधान मंत्री कौन है ?

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