नवंबर 22, 2014 01:31:24 तक के समाचार

रिपोर्टर लाग इन

 प्रदेशजिलातहसीलगाँव

आरोप सिद्ध हुए तो संन्यास ले लूंगा !

नई दिल्ली। गृह मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों अपने एक वरिष्ठ सहयोगी मंत्री से काफी नाराज हैं। सिंह का कहना है कि मंत्री उनके बेटे पंकज सिंह के खिलाफ झूठी बातें फैला रहे हैं। गृहमंत्री ने इस मामले को बीजेपी और आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठाया है। राजनाथ ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी बात की है। राजनाथ ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहाकि उनके परिवार के खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही है। आरोप सिद्ध होते हैं तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। राजनाथ ने कहाकि ऎसी बातों पर पीएम मोदी ने भी हैरानी जताई।वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ऎसी बातों को खारिज किया और इन्हें बेबुनियाद बताया। पीएमओ के अनुसार यह सरकार की छवि खराब करने का प्रयास है।  इस संबंध में एक अंग्रे

आगे पढ़ें...


Oneindia Hindi

गणतंत्र दिवस पर चीफ गेस्ट होंगे अमेरिकी राष्ट्रपति, ओबामा ने कबूला मोदी का न्यौता
Oneindia Hindi
नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अमेरिका के दौरे से लौटे है। मोदी का अमेरिका में प्रभाव सबने देखा। किस तरह से मोदी का वहां भव्य स्वागत हुआ उसे देखकर हर भारतीय गदगद हो गया। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मोदी से प्रभावित दिखे। इसे मोदी मैजिक का असर ही कहेंगे कि उन्होंने मोदी का न्यौता स्वीकार करते हुए अगले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने की स्वीकृति दे दी है। मोदी मैजिक, 26 जनवरी पर चीफ गेस्ट होंगे ओबामा, कबूला न्यौता. जी हां अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा इस बार गणतंत्र दिवस के मौके पर आयोजित परेड के मुख्य अतिथी होंगे।
ओबामा को मोदी का न्यौता, 26 जनवरी पर होंगे चीफ गेस्टआईबीएन-7
गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होंगे बराक ओबामाLive हिन्दुस्तान
गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्‍य अतिथि होंगे अमेरिकी राष्‍ट्रपति, ओबामा ने मोदी का न्यौता कबूलाZee News हिन्दी
The Patrika -एनडीटीवी खबर -Bhasha-PTI
सभी ३६ समाचार लेख »

ABP News

मुलायम का शाही बर्थडे, विदेश से आई बग्घी
आईबीएन-7
लखनऊ। कल मुलायम सिंह की 75वीं सालगिरह है। यानी कल मुलायम सिंह यादव 76 साल के हो जाएंगे। ये तो वक्त है, जो चलता रहता है और हर चीज की उम्र बढ़ती जाती है। समाजवादी लोहियावादी नेता मुलायम सिंह यादव का जन्मदिन जिस तरह मनाया जा रहा है, वो अनोखा है। जन्मदिन के लिए जिस तरह रामपुर को सजा-संवारकर तैयार किया गया है और जिस तरह राजाओं की तरह अंग्रेजी बग्घी पर सवार होकर रामपुर की सड़क पर निकलेंगे मुलायम और रात को काटेंगे 75 किलो का केक उसकी हर तरफ चर्चा है। आखिर क्यों है एक जन्मदिन का इतना शोर। रामपुर रातोंरात चकचक करने लगा। खुद को लोहिया का लोग कहने वाले समाजवादियों ने ...
शाही अंदाज में मुलायम का बर्थडेनवभारत टाइम्स
शाही बग्घी और ठुमकों से सजी रात !ABP News
PHOTOS: 'नेताजी' का 76वां B'DAY शाही अंदाज में मना रहे हैं आजमदैनिक भास्कर
Live हिन्दुस्तान -Zee News हिन्दी -प्रभात खबर
सभी ९७ समाचार लेख »

ABP News

'झारखंड को परिवारवाद, भ्रष्टाचार से मुक्त करो'
Business Standard Hindi
झारखंड में भाजपा के चुनावी प्रचार की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र ने आज विकास के मुद्दे को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और लोगों से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए राज्य को परिवारवाद से मुक्त करने के लिए कहा। उन्होंने कहा, 'अगर आप चाहते हैं कि झारखंड विकास के पथ पर आगे बढ़े तो झारखंड को परिवारवाद से मुक्त कीजिए।' झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन और उनके मुख्यमंत्री बेटे हेमंत सोरेन के स्पष्ट संदर्भ में मोदी ने कहा, 'अगर आप झारखंड को परिवारवाद से मुक्त नहीं करेंगे तो उनके घर और परिवार अमीर हो जाएंगे तथा जनता को (किसी से भी) कोई लाभ नहीं मिलेगा।' उन्होंने चुनावी ...
झारखंड को परिवारवाद से मुक्त करवायें : मोदीDainiktribune
झारखंड को परिवारवाद, भ्रष्टाचार से मुक्त करो: मोदीनवभारत टाइम्स
झारखंड के चुनावी मैदान में छाए मोदीदैनिक जागरण
एनडीटीवी खबर -Raviwar
सभी ६२ समाचार लेख »

ज़नाब एक नज़र इधर भी...

  • फिर लहराया गणित के क्षेत्र मेँ भारत का झंडा |

    भारतीय मूल के दो प्रोफेसरों को गणित के क्षेत्र में ग्लोबल पुरस्कार दिया गया है। इनमें से एक को फील्ड मेडल दिया गया है जिसे ‘गणित के नोबेल पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता है। सियोल में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ मैथेमेटिक्स में इंटरनेशनल मैथमेटिकल यूनियन (आईएमयू) ने मंजुल भार्गव को फील्ड मेडल और सुभाष खोट को रॉल्फ नेवानलिन्ना पुरस्कार से नवाजा है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर भार्गव उन चार विजेताओं में से थे जिन्हें प्रत्येक चार में प्रदान किए जाने वाले इस फील्ड मेडल के लिए चुना गया है। भार्गव को फील्ड मेडल ज्यामितिय संख्या में नई पद्धति को विकसित करने के लिए दिया गया है, जबकि खोट को नेवानलिन्ना पुरस्कार यूनिक गेम्स की समस्याओं को परिभाषित करने, इसकी जटिलताओं..

  • सिर झुकाना नहीं आता

    इतनी मुश्किलें हैं फिर भी उसकी महफ़िल में जाकर मुझको गिडगिडाना नहीं भाता…   वो जो चापलूसों से घिरे रहता है वो जो नित नए रंग-रूप धरता है वो जो सिर्फ हुक्म दिया करता है वो जो यातनाएँ दे के हँसता है मैंने चुन ली हैं सजा की राहें क्योंकि मुझको हर इक चौखट पे सर झुकाना नहीं आता…       उसके दरबार में रौनक रहती उसके चारों तरफ सिपाही हैं हर कोई उसकी इक नज़र का मुरीद उसके नज़दीक पहुँचने के लिए हर तरफ होड मची रहती है और हम दूर दूर रहते हैं लोगों को आगाह किया करते हैं क्या करें, इतनी ठोकरें खाकर भी मुझको दुनियादारी निभाना नहीं आता…   अनवर सुहैल..

  • कुछ यादे (बिछडे लम्हों की )

    वो बचपन ..वो नादानिया वो शरारते ..वो मनमानिया "वो गावं ..वो गलियारे वो आँगन ..वो चोबारे .... जहाँ रिस्तो की ऊँगली पकड़कर मैंने ख़ुद को पहली बार नन्हे कदमो पर चलते देखा था रिस्तो का वो एक मेला था जहाँ हर एक कंधे पर मने ख़ुद को झूलते देखा था " सरकार की नोकरी ने घर की जरूरतों ने पापा को विदेश का रास्ता दिखाया था॥ ६साल की थी जब ,नम आँखों से उस प्लेन को उड़ान भरते देखा था 'भीगी भीगी पलकों से .. माँ को चिट्ठियाँ पढ़ते देखा था टूटी फूटी सब्द रचना से ख़ुद को चिट्ठिया लिखते देखा था " खेतो के बीच से निकली उस पगडण्डी पर मैंने ख़ुद को स्कूल जाते देखा था नन्हे नन्हे कदमो से जब नदिया के पुल से उतरती थी तो ख़ुद को नदिया की गहरायी के डर से उबरते देखा था बढ़ते कद के साथ.. अपनी मासूमियत को शातानियो में बदलते देखा था " ख़..

  • नेता और भगवान |

    नेता को जनता चुनती है भगावान को भक्त ठीक है, नेता जनता के बीच से निकलते है भगवान संतो के बीच से, नेता भी  जनता से अछ्छी तरह परिचित होते भगवान भी भक्तो से  यह भी ठीक है|  लेकिन अंतर कहाँ है देखते है ? भगवान भक्त के प्रेम को देखते  है, नेता जी दौलत को देखते है | भगवान सबको गले लगते है नेता जी अपने फायदे के हिसाब से | भगवान भक्त से मिलने के लिये खुद आते है , नेता जी के यहाँ अर्जी देनी पडती है | भगवान भक्तो के दिल मे बसते है नेता जी जाति, सम्प्रदाय, मे बसते है भगवान भक्तो का भला चाहते है , नेता जी अपना | भगवान देते है नेता जी लेते है | भगवान भक्त के आगे झुकते है, नेता जि झुकाते है | भगवान जाति पात, अमीर गरीब,मे भेद नही करते, नेता जी ...............? हम(आत्मा) भगवान ( परमात्मा) दोनो एक ही है कोयी भेद नही है|   जब तक नेता ..

  • विजयी के सदृश जियो रे - रामधारी सिंह दिनकर

    वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं तोड़ो पीयूष चन्द्रमाओं का पकड़ निचोड़ो   चढ़ तुंग शैल शिखरों पर सोम पियो रे योगियों नहीं विजयी के सदृश जियो रे   जब कुपित काल धीरता त्याग जलता है चिनगी बन फूलों का पराग जलता है सौन्दर्य बोध बन नयी आग जलता है ऊँचा उठकर कामार्त्त राग जलता है   अम्बर पर अपनी विभा प्रबुद्ध करो रे गरजे कृशानु तब कंचन शुद्ध करो रे   जिनकी बाँहें बलमयी ललाट अरुण है भामिनी वही तरुणी नर वही तरुण है है वही प्रेम जिसकी तरंग उच्छल है वारुणी धार में मिश्रित जहाँ गरल है   उद्दाम प्रीति बलिदान बीज बोती है तलवार प्रेम से और तेज होती है   छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये मत झुको अनय पर भले व्योम फट जाये दो बार नहीं यमराज कण..

  • भ्रष्टाचार तभी मिट सकता है जब हमारे और आपके अंदर से आवाज उठनी चाहिये कि हम क्या है |

     हम या आप कुछ कर सकते तो ईतना ही कि एक ग्वाला दूध मे  मिलावट करने से पहले ए सोचे कि ऐ  नौजवान होने वाले  बच्चे हमारे देश के भविश्य है जिसे  मै  मिलावट वला दूध पिला रहा हू , एक शिक्षक ऐ सोचे कि हम हमे इन बच्चो  को शिक्षा देनी ही हमारी प्रथिमकता है ऐ हमारे देश के भविशय है , हम ऐ सोचे कि हमारे घर मे 5 वाट के बल्ब से भी रोशनी हो सकती है , हो सकता है कि  10-20 वर्ष मे ईमांदारी  कि जडे पकड ले या शुरुआत हो जाये |  जब हम अभी से अपने अंदर कि कमियो को अगली पीढी मे नही आने के लिये  उत्प्रेरित करगे, तो लगेगा कि सही रूप मे भ्रस्टाचार के खिलाफ खडे हो गये है | विचार बहुत ही बुनियादी है , लेकिन सहमति नही बनती है ,हमारे 3 -10 लगो के विचार मिल सकते है ,  शिर्फ  विचार ही मिल रहे रहे ना तो मै कायाम हू ना तो आप कायम है (हो ..

  • कोयी चांद पर कविता तभी लिख सकता है जब उसका पेट भरा हो , भुखे आदमी को चांद भी रोटी नजर आती है

    यह पहले भी कह चुका हू अब भी कह रहा हू| आज तक  चैनेल ने ' ऑपरेशन आम आदमी' के जरिए जो खुलासा हुआ है कि कैसे जारी है भ्रष्टाचार| आप किसी भी शहर या प्रदेश से जुडे हो , आप अछ्छी तरह देख रहे होगे सुन रहे होगे , कि  कैम्प लगा है आज आप किसी भी पार्टी की सदस्यता लिजिये, चाहे कोयी भी पार्टी हो  कोयी मानक नही है,  लगता है जैसे संख्या बढानी हो इस जनपद मे, ईतने लोगो ने, इस जनपद मे इतने लोगो ने , सदस्यता ग्रहण की| कौन जुड रहा है, चोर है , ईमांदार है, भ्रश्ट है, कोयी  मानक नही है ना ही मतलब है, कौन लोग जुडने कि कोशिश मे लगे है हम आप अछ्छी तरह जानते है, क्यो कि हमे आप को लगता है कि  फलाँ पार्टी का भविश्य अछ्छा है अभी से जुड जायेगे तो  तो हो सकता है कि आगे चल कर विधायक आदि बन जाये , या प्रशासन के  उपर धौश जमा कर अपना काम ..

  • कविता: नए साल की शुभकामनाएँ!

    1. खेतों को नाज मिले बैलों को सानी जंगल को पेड़ मिलें नदिया को पानी     बिटिया को प्‍यार मिले बेटे को काज तवे को रोटी मिले चूल्‍हे को आग   बटिया को राही मिले प्‍यासे को कुवाँ बच्‍चों को खेल मिले चिमनी को धुवाँ   जुगनू को रा‍त मिले चिडि़या को आसमान ‘होरी’ को मान मिले संघर्ष को दास्‍तान   सागर भी नीला रहे पर्वत हो धानी ऐसा हो नया साल सपनों के मानी लेखक कमल जोशी          2. नये साल की शुभकामनाएँ! खेतों की मेड़ों पर धूल-भरे पाँव को, कुहरे में लिपटे उस छोटे-से गाँव को, नए साल की शुभकामनाएँ!   जाते के गीतों को, बैलों की चाल को, करघे को, कोल्हू को, मछुओं के जाल को, नए साल की शुभकामनाएँ!   इस पकती रोटी को, बच्चों के शोर को, चौंके की गुनगुन को, चूल्हे की भोर को, नए साल की शुभकामनाएँ! &n..

  • तुम अपनी हो, जग अपना है

    तुम अपनी हो, जग अपना है किसका किस पर अधिकार प्रिये फिर दुविधा का क्या काम यहाँ इस पार या कि उस पार प्रिये । देखो वियोग की शिशिर रात आँसू का हिमजल छोड़ चली ज्योत्स्ना की वह ठण्डी उसाँस दिन का रक्तांचल छोड़ चली । चलना है सबको छोड़ यहाँ अपने सुख-दुख का भार प्रिये, करना है कर लो आज उसे कल पर किसका अधिकार प्रिये । है आज शीत से झुलस रहे ये कोमल अरुण कपोल प्रिये अभिलाषा की मादकता से कर लो निज छवि का मोल प्रिये । इस लेन-देन की दुनिया में निज को देकर सुख को ले लो, तुम एक खिलौना बनो स्वयं फिर जी भर कर सुख से खेलो । पल-भर जीवन, फिर सूनापन पल-भर तो लो हँस-बोल प्रिये कर लो निज प्यासे अधरों से प्यासे अधरों का मोल प्रिये । सिहरा तन, सिहरा व्याकुल मन, सिहरा मानस का गान प्रिये मेरे अस्थिर जग को दे दो तुम प्राणों क..

  • यह पल-भर का उन्माद प्रिये।

    बस इतना--अब चलना होगा फिर अपनी-अपनी राह हमें । कल ले आई थी खींच, आज ले चली खींचकर चाह हमें तुम जान न पाईं मुझे, और तुम मेरे लिए पहेली थीं; पर इसका दुख क्या? मिल न सकी प्रिय जब अपनी ही थाह हमें । तुम मुझे भिखारी समझें थीं, मैंने समझा अधिकार मुझे तुम आत्म-समर्पण से सिहरीं, था बना वही तो प्यार मुझे । तुम लोक-लाज की चेरी थीं, मैं अपना ही दीवाना था ले चलीं पराजय तुम हँसकर, दे चलीं विजय का भार मुझे । सुख से वंचित कर गया सुमुखि, वह अपना ही अभिमान तुम्हें अभिशाप बन गया अपना ही अपनी ममता का ज्ञान तुम्हें तुम बुरा न मानो, सच कह दूँ, तुम समझ न पाईं जीवन को जन-रव के स्वर में भूल गया अपने प्राणों का गान तुम्हें । था प्रेम किया हमने-तुमने इतना कर लेना याद प्रिये, बस फिर कर देना वहीं क्षमा यह पल-भर का उन्माद प्रिये। ..

  • नारी जीवन और उसकी पिडा

    आज के इस दौर मे नारी जीवन महज एक समझौते पर निर्धारित हो गया है समाज मेँ नारी का अस्तित्व मजाक बन कर रह गया है, समाज के वर्तमान पेरिवेश मे नारी को हर जगह सहना पड रहा है या समझौता करना पड रहा है,  क्या एक पुरुष इस पीडा का अनुमान लगा सकता है, जो एक नारी सहती  चली आ रही है |   पुरुष तो उस पीडा की कल्पना भी नही कर सकता है, समाज से जैसे इंसानियत समाप्ति की तरफ बढ रही है , और हर तरफ भ्रष्टाचार , बहिस्कार, बलात्कार फैलता जा रहा है हर तरफ शिकरी शिकार ढुढने लगा है , कौन भेडिया  किस रुप मे घूम रहा है समझना मुस्किल है , हैवानियत इतनी बढ गयी है कि अपने खून के रिश्ते भी शर्मसार हो रहे है | इस तरह के लोग समझ नही पा रहे है , नारी शक्ति स्वरुप है , जिसके बल पर यह संस्सर कायम है |     यह नारी किससे कहे कहाँ फरियाद करे , इ..

  • श्री रामकृष्ण परमहंस - तर्क से धर्म प्राप्त नहीं हो सकता।

    श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने नित्य बहुत सारे लोग आते थे,वे उनसे तरह तरह के तर्क करते रहते थे,रामकृष्ण सभी के तर्को का जवाब खुशी खुशी देते थे।एकबार केशवचन्द्र नामक बहुत बड़े विद्वान तार्किक उनके पास तर्क करने पहुँचे,केशवचन्द्र रामकृष्ण को अपने तर्को से हराना चाहते थे।रामकृष्ण तो पढ़े लिखे नहीं थे,परन्तु वे सिद्ध पुरुष थे,परन्तु केशवचन्द्र के नजर में वे गंवार थे।उस दिन काफी चर्चा से बहुत भीड़ जुट गई,सबलोग सोच रहे थे कि रामकृष्ण अवश्य हार जायेंगे कारण उस सदी के सबसे बड़े विद्वान,तार्किक जो पधारे थे।केशवचन्द्र ईश्वर के खिलाफ तर्क देने लगे,रामकृष्ण विरोध नहीं करके उनकी प्रशंसा करने लगे,क्या दलील दी आपने।केशवचन्द्र सोच रहा था कि रामकृष्ण मेरे तर्को को गलत कहेगा तभी तो तर्क विवाद बढ..

  • हिंदू विवाह के सात फेरे और सात वचन

    विवाह = वि + वाह, अत: इसका शाब्दिक अर्थ है - उत्तरदायित्व का वहन करना। पाणिग्रहण संस्कार को सामान्य रूप से हिंदू विवाह के नाम से जाना जाता है। अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का बंधन होता है जिसे कि विशेष परिस्थितियों में तोड़ा भी जा सकता है, परंतु हिंदू विवाह पति और पत्नी के बीच कयी जन्मो का सम्बंध होता है जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं तोड़ा जा सकता। अग्नि के सात फेरे लेकर और कयी चोजो को साक्षी मान एक पवित्र बंधन होता हैं। हिंदू विवाह में मे इस संम्बंध को अत्यंत पवित्र माना गया है। सात फेरों और सात वचन विवाह के बाद कन्या वर के वाम अंग में बैठने से पूर्व उससे सात वचन लेती है। कन्या द्वारा वर से लिए जाने वाले सात वचन इस प्रकार है। वचन 1 तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञक..

  • चिठ्ठी आई है ( प्रताप सोमवंशी)

    भइया की चिठ्ठी आई है घर भर की बातें लाई है पहले लिखा तुम्हे प्यार है और आगे भाभी बीमार है छुटकी को अक्सर बुखार है लिखी अम्मा की पुकार है   आंखे जैसी की तैसी है, गठिया की हालत वैसी है अब तो बेटे है ये लगता, मौत ही जैसे अंतिम हल है शेष कुशल है       घर में पैसे चार नहीं है मिलता कही उधार नहीं है भाई जबसे दिन बिगड़े हैं, कोई नातेदार नही है। छोटे का तुम हाल न पूछो मोटी कितनी खाल न पूछो अरजी आज नई दे आया, और अगला इंटरव्यू कल है शेष कुशल है   बहना का संदेश आया है, उसने फिर ये कहलाया है। सामान और नगदी की खातिर, सास-ससुर ने धमकाया है। कुछ न कुछ सहते रहते हैं, ऐसे दिन कटते रहते हैं। ये सब छोड़ो अपनी लिखना, बीत रहे कैसे छिन-पल हैं। शेष कुशल है।   बप्पा खुद से जूझ रहे हैं, कब आओगे पूछ रहे हैं। लिख दो ख्याल र..

  • संपादकीय : प्रजातन्त्र कैसे हो सकता है अपने मूल रुप मे फलीभूत |

    सविंधान मे राजनितिक दल नाम की कोयी चीज नही है| सरकार बनाने के लिये सदन का बहुमत हासिल होने की शर्त रखी गयी है | समूह बनाने का मौलिक अधिकार  सविधान मे दिया गया है, इसी समूह बनाने की आजादी के मौलिक अधिकार की भावना के तहत लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 सँसद  मे बनाया गया | इसी नियम के तहत राजनितिक दलो का वजूद आया और उनकी पंजीकरण की व्यवस्था की गयी | राजनितिक दलो की सदस्यता देश के सभी नाग्रिको के लिये मुक्त रखी गई है | इसी प्रविधान का सहारा लेकर किसी भी राजनितिक दल का अध्यकक्ष अपने सगे सम्बधियो को अपने ही राजनितिक दल मे सामिल कर लेता है और पार्टी को राजतन्त्र  की उत्तराधिकारी वाली व्यस्था मे परिवर्तित कर देता है, इस प्रकार प्रजातन्त्र की मूल भावना की हत्या हो जाती है | कितना अच्छा होता कि लोकप्रति..

  • चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो

    1. चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो चाहे गीता पढ़ो या आमिले कुरान बनो चाहे ईसाई बनो या के सिख बन जाओ हर मजहब कहता है पहले मगर इंसान बनो         2. तड़पते दिल की सदाएँ सुनो करो कोशिश बेकरारों को सुकूनो करार दे जाओ जो भी आया है वो जाने के लिए आया है आदमी हो तो आदमी को प्यार दे जाओ 3. आँख हिन्दू है मेरी दिल है मुसलमान मेरा बताओ दफ़्न करोगे के तुम जलाओगे और इसी बात पे दोनों ही अगर झगडे तो मेरी मिट्टी को ठिकाने कहाँ लगाओगे? 4. राम दिल्ली में तो मुंबई में बिक गई सीता कृष्ण मथुरा में तो काशी में बिक गई गीता चलन इस दौर का कैसा ये हो गया लोगो आज हर दिल लगे है प्यार से रीता-रीता 5. टूट जाती है साँस जब तेरी लोग उल्फ़त का सिला देते हैं खाक पर खाक डाल कर तेरी खाक में खाक मिला देते हैं 6. दोस्तों को दिल दुखाना ..

  • गौतम बुद्ध- वैग्यानिक पहलू (Indusial Identity Born Due To Pre conception of Mind)

    गौतम बुद्ध ने देखा कि वह पिपल का पत्ता जिसके निचे वे बैठ कर तपस्यारत थे ओ पत्ता और उनका शरीर एक समान है | इसमे से किसी का न प्रिथक अस्तितव (separate existence ) है न वह अस्तित्व स्थाई है (or not stable ) समस्त संस्सारिक प्रपंचो का परस्परअल्म्बन (Dependent To Each Other) देखकर बुद्ध ने समस्त प्राणियो की खोखली प्रक्रित (Nature) को समझ लिया था कि सब प्रिथक और सव्तंत्र अस्तित्व से रहित है | उनको इस सत्य का साक्षात्कार हुआ कि मुक्ति के कुंजी परस्पर अवल्मबन था अनात्म के सिद्धोन्तो मे ही निहित है | अपने शरीर , भावनाओ , अवधारणाओ , मानशिक भाव बोध और चेतना की नदियो के प्रकाश की अनुभुती से बुद्ध समझ गये थे कि जीवन के परम आश्यक तत्व है- अनित्यता था अन्नात्म | यदि ये न हो तो न तो कुछ अस्तित्वान हो और न उसका विकाश हो | यदि धान ( Tree Of Rice ) अनित्य एवँ अनात्म भा..

  • हिंदू धर्म क्या कहता है ?

    हिंदू धर्म क्या कहता है ?   हिंदू धर्म मे इन चार की  चर्चा की गयी है चार वर्ण-  क्षत्रिय, ब्राहम्ण, वैश्य, सुद्र चार आश्रम – ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास चार पुरसार्थ – धन , धर्म , काम, मोक्ष.   चार वर्ण -पहले वर्ण कर्म के अनुसार निर्धारित होता था आज के समय मे आनुवंशिक हो गया है, राजा का लडका  राजा होगा मुख्य मंत्री का लडका मुख्य मंत्री होगा , विधायक का लडका विधायक होगा, सांसद का लडका सांसद होगा,  कोशिश यही रहती है |   चार आश्रम -पहले  यह निर्धारित था और आज के के समय मे आश्रम का कोयी क्रम निर्धारित नही है इनमे से (ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास)     चार पुरसार्थ- (धन , धर्म , काम, मोक्ष) – आज के समय मे धन और काम ही पुरसार्थ मे बचा है धर्म और मोक्ष विलुप्त हो गया ह..

  • नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं

    नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं, हम छलनी में पानी भरने निकले हैं। आँसू पोंछ न पाए अपनी आँखों के और जगत की पीड़ा हरने निकले हैं। पानी बरस रहा है जंगल गीला है, हम ऐसे मौसम में मरने निकले हैं। होंठो पर तो कर पाए साकार नहीं, चित्रों पर मुस्कानें धरने निकले हैं। पाँव पड़े न जिन पर अब तक सावन के ऐसी चट्टानों से झरने निकले हैं।   जिंदगी को जुबान दे देंगे    जिंदगी को जुबान दे देंगे धडकनों की कमान दे देंगे हम तो मालिक हैं अपनी मर्ज़ी के जी में आया तो जान दे देंगे रखते हैं वो असर दुआओं में हौसले को उड़ान दे देंगे जो है सहमी पड़ी समंदर में उस लहर को उफान दे देंगे जिनको ज़र्रा नही मयस्सर है उनको पूरा जहान दे देंगे करके मस्जिद में आरती-पूजा मंदिरों से अजान दे देंगे मौत आती 'किरण' है आ जाए तेर..

  • दोस्ती किस तरह निभाते हैं (कविता किरण)

    दोस्ती किस तरह निभाते हैं, मेरे दुश्मन मुझे सिखाते हैं। नापना चाहते हैं दरिया को, वो जो बरसात में नहाते हैं। ख़ुद से नज़रें मिला नही पाते, वो मुझे जब भी आजमाते हैं। ज़िन्दगी क्या डराएगी उनको, मौत का जश्न जो मनाते हैं। ख़्वाब भूले हैं रास्ता दिन में, रात जाने कहाँ बिताते हैं।  ..

  • मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में ( पूर्णिमा वर्मन)

    कभी इन्कार चुटकी में, कभी इक़रार चुटकी में कभी सर्दी ,कभी गर्मी, कभी बौछार चुटकी में ख़ुदाया कौन-से बाटों से मुझको तौलता है तू कभी तोला, कभी माशा, कभी संसार चुटकी में कभी ऊपर ,कभी नीचे ,कभी गोते लगाता-सा अजब बाज़ार के हालात हैं लाचार चुटकी में ख़बर इतनी न थी संगीन अपने होश उड़ जाते लगाई आग ठंडा हो गया अख़बार चुटकी में न चूड़ी है, न कंगन है, न पायल है ,न हैं घुँघरू मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में  ..

  • जब तक आम आवाम नही सुधरेगी , देश सुधर ही नही सकता

    कयी पहलुओ पर ध्यान देना होगा, पहले हम  सोचते है सरकारी मुलाजि के बारे मे जिससे व्यस्था संचालित होती है ( जिला अधिकारी से लेकर  फोर्थ क्लास  तक ) – चाहे आप विकलांग हो, चाहे आप पिछडे वर्ग से हो , चाहे आप किसी वर्ग से समबंधित हो , सरकार  कि किसी  भी स्कीम का लाभ लेना चाहते हो , उसका लाभ लेने के लिये आप को लोहे के चने चबाने पडí..

  • जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें ( वर्षा सिंह)

    जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें । इंतज़ार की पीड़ा सहतीं, रात जगी बूढ़ी आँखें । दुनिया का दस्तूर निराला, स्वारथ के सब मीत यहाँ फ़र्क नहीं कर पातीं कुछ भी, नेह पगी बूढ़ी आँखें । आते हैं दिन याद पुराने, अच्छे-बुरे, खरे-खोटे, यादों में डूबी-उतरातीं, बंद-खुली बूढ़ी आँखें । मंचित होतीं युवा पटल पर, विस्मयकारी घ..

  • बेहतर दुनिया (नवनीत शर्मा)

    बेहतर दुनिया, अच्‍छी बातें, पागल शायर ढूंढ़ रहे हैं ज़हरीली बस्‍ती में यारो, हम अमृतसर ढूंढ़ रहे हैं   ख़ालिस उल्‍फ़त,प्‍यार- महब्‍बत, ख़्वाब यक़ीं के हैं आंखों में  दिल हज़रत के भी क्‍या कहने ! बीता मंज़र ढूंढ़ रहे हैं   सीख ही लेंगे साबुत रहना अपनी आग में जल कर भी हम  दर्द को किसने देखा पहले तो अपना सर ढूंढ रहे हैं ..

  • मुल्क तेरी बर्बादी के

    मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है , चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है   ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ , रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है   हर गली में, हर सड़क पे ,मौन पड़ी है ज़िंदगी , हर जगह मरघट से हालात नज़र आते है   सुनता है आज कौन द्रौपदी की चीख़ को , हर जगह दुस्सासन सिपहसालार नज़र आते है   सत्ता से समझ&#..

  • चल मन, उठ अब तैयारी कर

    चल मन, उठ अब तैयारी कर यह चला - चली की वेला है । कुछ कच्ची - कुछ पक्की तिथियाँ कुछ खट्टी - मीठी स्मृतियाँ स्पष्ट दीखते कुछ चेहरे कुछ धुँधली होती आकृतियाँ है भीड़ बहुत आगे - पीछे, तू, फिर भी आज अकेला है । माँ की वो थपकी थी न्यारी नन्ही बिटिया की किलकारी छोटे बेटे की नादानी, एक घर में थी दुनिया सारी चल इन सबसे अब दूर निकल, दुन..

  • पेन्सिल की कहानी !

    एक बालक अपनी दादी मां को एक पत्र लिखते हुए देख रहा था। अचानक उसने अपनी दादी मां से पूंछा, " दादी मां !" क्या आप मेरी शरारतों के बारे में लिख रही हैं ? आप मेरे बारे में लिख रही हैं, ना " यह सुनकर उसकी दादी माँ रुकीं और बोलीं , " बेटा मैं लिख तो तुम्हारे बारे में ही रही हूँ, लेकिन जो शब्द मैं यहाँ लिख रही हूँ उनसे भी अधिक महत्व इस &..

  • मेहदी हसन साहब की एक उम्दा गज़ल

    तेरी आँखो को जब देखा  कँवल कहने को जी चाहा  मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा तेरा नाजुक बदन छूकर  हवाएं गीत गाती है  बहारें देखकर तुझको  नया जादू जगाती है  तेरे होठों को कलियों का  बदल कहने को जी चाहा मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा इजाजत हो तो आँखो में  छुपा लूं, ये हंसी जलवा  तेरे रुख़साë..

  • महान क्रन्तिकारी-अशफाक: एक पत्र देशवासियों के नाम !

    मेरे प्यारे देशवासियों, भारत माता को आजाद करवाने के लिए रंगमंच पर हम सभी भूमिका अदा कर चुके है | गलत किया या सही, हमने जो भी किया, स्वंतत्रता पाने की भावना से प्रेरित होकर किया | हमारे अपने निंदा करे या प्रंशसा, लेकिन हमारे दुश्मनों तक को हमारी हिम्मत और वीरता की प्रंशसा करनी पड़ी है | कुछ लोग कहते है की हमने गुलामी ..

  • स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण

    स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण, विश्व धर्म महासभा में जिसने पुरे विश्व के जन मानश को झकझोर दिया था |  मेरे अमरीकी भाइयो और बहनों!  आपने जिस सौहार्द और स्नेह के साथ हम लोगों का स्वागत किया हैं उसके प्रति आभार प्रकट करने के निमित्त खड़े होते समय मेरा हृदय अवर्णनीय हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। संसार में &#..

  • मन के हारे हार है मन के जीते जीत !

    दोस्तों , बहुत दिनों से आप अपने आपको थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहे हैं ! मन में भी नकारात्मक भाव आ रहे हैं ,कोई उमंग महसूस नहीं हो रही है ! जिंदगी बोझिल सी हो रही है ! ऐसे में आप किसी डॉक्टर के पास जाते हैं ! वो आपकी पूरी जांच करने के बाद गंभीर स्वर में आपसे कहता है ,--'माफ़ कीजिएगा ! लेकिन आपकी reports देख कर मुझे लगता है की अगले एक सा&#..

  • हम और आप (स्म्मान और आत्म्समान )

    हम पैदा होते है धीरे धीरे बडे होते है स्कूल जाने लगते है क, ख, ग ( A, B, C, ) सिखना चालू करते है, थोडा और बडे होते है , क से कबूतर , ख से खरगोश , ग से गमला और ( A for Apple , B for Bat, C for Cat ) सीख लेते है , फिर बहूत कुछ सिखते है , पास होते है फेल होते है, कोयी I.A.S . बनता है कोयी P.C.S. बनता है कोयी बाबू बनता है , कोयी चपरासी बनता है , कोयी नेता बनता है कोयी कार्यकर्ता बनता है |  फिर ..


Zee News हिन्दी

सारदा घोटाला : तृणमूल सांसद श्रृंजय बोस गिरफ्तार, मंत्री से पूछताछ
Zee News हिन्दी
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा जब सीबीआई ने पार्टी के राज्यसभा सांसद श्रृंजय बोस को करोड़ों रुपए के सारदा चिटफंड घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही राज्य के कपड़ा मंत्री श्यामपद मुखर्जी से इसी से संबंधित दूसरे मामले में पूछताछ की गई। सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि बोस को 'सारदा रिएलिटी मामले में प्रथम दृष्ट्या उनकी संलिप्तता और आपराधिक षड्यंत्र, धनराशि की हेराफेरी और अनुचित वित्तीय लाभ प्राप्त करने के आरोपों के लिए गिरफ्तार किया गया।' एक बांग्ला अखबार के मालिक ...
शारदा घोटाला: ममता का एक और MP अरेस्टआईबीएन-7
सीबीआई के खिलाफ तृणमूल का मोर्चा आजNai Dunia
शारदा घोटाले में तृणमूल सांसद श्रृंजय बोस गिरफ्तारWebdunia Hindi
khaskhabar.com हिन्दी -एनडीटीवी खबर -बिजनेस भास्कर
सभी ५५ समाचार लेख »

एनडीटीवी खबर

दिल्ली पर 800 साल बाद शासन करने आए हैं हिंदू : वीएचपी
एनडीटीवी खबर
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में भाजपा की शानदार जीत से अभिभूत विहिप ने दावा किया कि दिल्ली में 800 साल बाद 'गौरवशाली हिंदू' शासन करने आए हैं। साथ ही, स्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई अनिवार्य बनाए जाने की भी मांग की। विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल ने राजधानी दिल्ली में आज से शुरू हुए तीन दिवसीय विश्व हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह भी कहा, 'आने वाले समय में कई और चीजें अनिवार्य की जाएंगी।' हालांकि, सिंघल ने भाजपा की चुनावी जीत का सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया, पर उन्होंने कहा कि दिल्ली पर पृथ्वीराज चौहान के शासन के 800 साल बाद गौरवान्वित हिंदुओं का ...
विश्व हिंदू कांग्रेस में अशोक सिंघल का विवादित बयान, बोले- '800 साल के बाद दिल्ली में बनी हिंदुओं की सरकार'Zee News हिन्दी
800 साल बाद आई है दिल्‍ली में हिंदू सरकार : अशोक सिंघलदैनिक जागरण
PHOTOS : सिंघल बोले-800 साल में बनी हिंदू सरकारkhaskhabar.com हिन्दी
Oneindia Hindi -आईबीएन-7 -अमर उजाला
सभी ३६ समाचार लेख »

बीबीसी हिन्दी

छत्तीसगढ़: वायुसेना के हेलिकॉप्टर पर हमला
बीबीसी हिन्दी
छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले में सुरक्षाकर्मियों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में सात लोग घायल हो गए हैं. जगदलपूर स्थित पत्रकार एसएन पाठक के अनुसार घटना शुक्रवार की दोपहर लगभग तीन बजे की है, पहले चिंतागुफ़ा के पास मुठभेड़ हुई फिर वहां से लगभग सात किलोमीटर दूर बट्टीगुडेम में घायल जवानों को ले जा रहे भारतीय वायु सेना के एक हेलिकॉप्टर पर माओवादियों ने फ़ायरिंग की. इस ख़बर की पुष्टि करते हुए बस्तर संभाग के आईजी पुलिस एसआरपी कल्लूरी ने बीबीसी हिंदी से बातचीत करते हुए कहा कि ''चिंतागुफ़ा के पास सीआरपीएफ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस का एक संयुक्त दल कॉम्बिंग ऑपरेशन में ...
नक्सली हमले में सात जवान घायलदैनिक जागरण
सुकमा में नक्सली हमले में सीआरपीएफ के छह जवान घायलZee News हिन्दी
रायपुर लाए गए 7 घायल जवान, पांच को गंभीर चोटेंNai Dunia
Sahara Samay -Patrika
सभी ९ समाचार लेख »

Oneindia Hindi

मोदी की प्रतिरक्षा पर अमेरिकी विदेश विभाग से जवाब तलब
Oneindia Hindi
न्यूयार्क। अमेरिका की एक संघीय अदालत ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी गई राजनयिक प्रतिरक्षा को चुनौती देने वाली एक याचिका पर विदेश मंत्रालय से 10 दिसंबर तक जवाब मांगा है। मोदी की प्रतिरक्षा पर अमेरिकी विदेश विभाग से जवाब तलब. यह याचिका एक मानवाधिकार संस्था ने दायर की है, जिसमें 2002 के गुजरात दंगे में मोदी की कथित सांठगांठ के मद्देनजर उन्हें दी गई प्रतिरक्षा को चुनौती दी गई है। न्यूयार्क की संघीय जिला अदालत की न्यायाधीश अनालिसा टोरेस ने अमेरिकन जस्टिस सेंटर (एजेसी) द्वारा 14 नवंबर को दायर की गई याचिका पर मंत्रालय से जवाब दायर करने के लिए कहा है।
अमेरिकी अदालत ने मोदी को मिली छूट पर मांगा जवाबLive हिन्दुस्तान
PHOTOS : मोदी की प्रतिरक्षा: यूएस कोर्ट का नोटिसkhaskhabar.com हिन्दी
अमेरिकी कोर्ट ने मोदी को मिली छूट पर मांगा जवाबNai Dunia

सभी १३ समाचार लेख »

अमर उजाला

'टाइम पोल' में चल रहे सबसे आगे
Dainiktribune
हर साल की तरह इस साल भी प्रतिष्ठित अमेरिकी मैगजीन 'टाइम' ने दुनिया को प्रभावित करने वाले 'पर्सन ऑफ द ईयर' की तलाश शुरू कर दी है। इस तलाश में सबसे आगे चल रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। मोदी की शख्सियत और अंदाज ने दुनिया के तमाम मुल्कों के एक बड़े तबके को अपना मुरीद बना लिया है। इसका असर 'टाइम' के ऑनलाइन पोल पर दिख रहा है, जहां मोदी हो गए हैं नंबर-1। प्रतिष्ठित 'टाइम' पत्रिका के 'पर्सन ऑफ द ईयर' की दौड़ में दुनिया की 50 जानी-मानी शख्सियतें हैं, लेकिन टाइम के ऑनलाइन पोल में सबसे आगे हैं नरेंद्र मोदी। इस फेहरिस्त में रूसी राष्ट्रपति ब्लादीमीर पुतिन भी मोदी से पीछे हैं।
टाइम पोल में मोदी नंबर 1आईबीएन-7
PHOTOS : मोदी टाइम पर्सन ऑफ द ईयर के दावेदारkhaskhabar.com हिन्दी
टाइम मैगजीन के पर्सन ऑफ द ईयर के दावेदारों में नरेंद्र मोदी भीदैनिक भास्कर
दैनिक जागरण -Pressnote.in -Live हिन्दुस्तान
सभी ४२ समाचार लेख »

दैनिक जागरण

अमीरों को नहीं मिलेंगे सबसिडी वाले सिलेंडर
दैनिक जागरण
नई दिल्ली। आर्थिक सुधारों की खातिर मोदी सरकार अगले कुछ दिनों में सख्त कदम उठा सकती है। इसी तरह के कदमों में एक कदम अमीरों को सबसिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर नहीं देने का हो सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार अमीर लोगों की सबसिडी खत्म करने पर विचार कर रही है। वित्तमंत्री ने कहा कि देर-सबेर हमें फैसला करना होगा कि सबसिडी पाने का हक किसे है, निश्चित तौर पर कुछ लोग होंगे, जिन्हें इसकी जरूरत है, लेकिन बाकी लोग इससे मुक्त होंगे, यह हमारे सिस्टम के लिए बेहतर होगा।जेटली ने कहा कि इस तरह के फैसले सरकार के एजेंडे में हैं। वित्त मंत्री ने कहा ...
अमीरों को नहीं मिलेगा एलपीजी सबसिडी लाभ!Rajasthan Patrika

सभी ५ समाचार लेख »

भारतीय रेल को वापस पटरी पर ला पाएंगे प्रभु!
Business Standard Hindi
यह वर्ष 2002 का वाकया है, जब सुरेश प्रभु केंद्रीय बिजली मंत्री थे तो एक जर्मन प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला, जो भारत में बिजली क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं के बारे में जानना चाहता था। प्रभु ने इस क्षेत्र में प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकारी कदमों का विस्तार से उल्लेख किया। उस समूह में भारत में रह रही एक जर्मन वार्ताकार भारत की जमीनी हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ थीं और वह अपने विषय पर मंत्री की बेहतर पकड़ से प्रतिनिधिमंडल की तुलना में कम प्रभावित हुईं। उन्होंने प्रभु से पूछा कि जब भारत निवेश आकर्षित करने को लेकर इतना उत्सुक है तो उसने एनटीपीसी जैसी सरकारी कंपनियों ...

और अधिक »

फेस टु फेस

लोकसभा जितने के बाद : मोदी

जानिये जनता की समस्या : इनकी जुबानी

Sagar Mandle
Village-Ghorari , Thana-Ranitarai , Block-Patan , Dist-Durg , इस घोरारी नामक गांव मे कच्ची शराब बनाई जाती है...बच्चो से लेकर बुढ्ढे तक इनके जबरदस्त गिरफ्त में है...महिलाए भी शराब की आदि हो चुके है..यहां के युवां वर्ग सिर्फ 30 से 35 साल तक ही जी पाते आगे पढें...

Saurabh Kumar
मै सुल्तानपुर कोट पोस्ट - फुलाई थाना मल्लावां जिला हरदोई पिन कोड २४१३०३ में रहता हु यहाँ कि सड़के बहुत खराब है यहाँ के विधायक ब्रजेश वर्मा ने वादा किया था कि अगर मै जीत गया तो इस गांव के आसपास कि सड़के पक्की बनवा दूंगा मगर वो जितने के बाद यहाँ कि सड़आगे पढें...

Samar Yadav
जौनपुर शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में सड़के और बिजली कि समस्या बहुत है इसमे अभी तक कोई सुधार नहीं दिखाई देरहा है उत्तर प्रदेश कि वर्तमान सरकार लाख दवा करले लेकिन समस्या दिन और प्रतदिन और ख़राब होती जारही है! आगे पढें...

अपने शहर गाँव से जुड़ी समस्या पोस्ट करने के लिये क्लिक करें

Khoji News sawal-10 Lucky Drow

भारत का प्रधान मंत्री कौन है ?

  • मनमोहन सिंह
  • आडवाणी
  • मोदी
  • राहुल गाँधी

सही उत्तर देने के लिये लाग इन करें
Get our toolbar!