सितंबर 20, 2014 09:23:29 तक के समाचार

रिपोर्टर लाग इन

 प्रदेशजिलातहसीलगाँव

आरोप सिद्ध हुए तो संन्यास ले लूंगा !

नई दिल्ली। गृह मंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों अपने एक वरिष्ठ सहयोगी मंत्री से काफी नाराज हैं। सिंह का कहना है कि मंत्री उनके बेटे पंकज सिंह के खिलाफ झूठी बातें फैला रहे हैं। गृहमंत्री ने इस मामले को बीजेपी और आरएसएस के शीर्ष नेतृत्व के सामने उठाया है। राजनाथ ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भी बात की है। राजनाथ ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहाकि उनके परिवार के खिलाफ अफवाहें फैलाई जा रही है। आरोप सिद्ध होते हैं तो वे राजनीति से संन्यास ले लेंगे। राजनाथ ने कहाकि ऎसी बातों पर पीएम मोदी ने भी हैरानी जताई।वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ऎसी बातों को खारिज किया और इन्हें बेबुनियाद बताया। पीएमओ के अनुसार यह सरकार की छवि खराब करने का प्रयास है।  इस संबंध में एक अंग्रे

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एनडीटीवी खबर

सीटों के बंटवारे पर बीजेपी-शिवसेना में तकरार जारी, दोनों दलों को एक-दूसरे के जवाब का इंतजार
एनडीटीवी खबर
मुंबई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान क्या हुआ, गठबंधन को लेकर तकरार बढ़ गई। राज्य में दो मजबूत गठबंधन हैं- शिवसेना-बीजेपी और कांग्रेस-एनसीपी। इन दोनों के बीच सीटों को लेकर अब तक आम राय नहीं बन पाई है। सबकी नजर मुंबई में शिवसेना और बीजेपी के खेमों पर है। दोनों दलों ने एक-दूसरे को अपने-अपने प्रस्ताव भेजे हैं और इन्हें एक-दूसरे के जवाब का इंतजार है। अब तक हुई बातचीत में दोनों के बीच बात बनती नहीं दिख रही है। दोनों दल सम्मानजनक गठबंधन की बात कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि इस सम्मान के लिए सीटों से समझौता कौन करेगा... शिवसेना ने साफ कर दिया है कि उसे जो ...
सीटों पर बीजेपी-शिवसेना के बीच विवाद जारी, आज होगी कोर कमेटी की बैठकआज तक
सीट बंटवारे पर BJP-शिवसेना में नूराकुश्ती जारीआईबीएन-7
मोदी की पहल पर गठबंधन का संकट टलानवभारत टाइम्स
दैनिक जागरण -Live हिन्दुस्तान -ABP News
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एनडीटीवी खबर

भारतीय मुसलमान भारत के लिए जीते हैं, भारत के लिए ही मरेंगे : पीएम नरेंद्र मोदी
एनडीटीवी खबर
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय मुसलमान अपने देश के लिए ही जीते हैं और वे देश के लिए ही मरेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी को यह लगता है कि भारतीय मुसलमान आतंकवादी संगठन अल कायदा के इशारों पर नाचेंगे, तो यह उनकी गलतफहमी है। अमेरिकी चैनल सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मुसलमान कभी भारत का बुरा नहीं चाहेंगे। अल कायदा की भारत में शाखा खोले जाने के दावों से जुड़े सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि वे भारतीय मुसलमानों को अपने इशारों पर नचा सकते हैं, वे ऐसा ...
भारतीय मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता: नरेंद्र मोदीABP News
भारतीय मुस्लिम देशभक्तLive हिन्दुस्तान
हार के बाद 'सेक्युलर' बातेंनवभारत टाइम्स
दैनिक जागरण -प्रातःकाल -Pressnote.in
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नवभारत टाइम्स

हेमा मालिनी ने 'छिड़का नमक' वृंदावन की 'विधवाओं के जख्मों पर'
पंजाब केसरी
वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला और रास लीला स्थली रही है। प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विख्यात इस नगर में भगवान श्रीकृष्ण बाल ग्वालों संग गऊएं चराते तथा राधा एवं गोपियों संग रास रचाते थे। वृंदावन और मथुरा के विभिन्न आश्रमों में बिहार, बंगाल तथा देश के अन्य भागों से आई विधवाएं बड़ी संख्या में रहती हैं। इसी कारण वृंदावन को 'विधवाओं का नगर' भी कहा जाता है। इनमें से अधिकतर उनके परिजनों द्वारा ठुकराए जाने या उन्हें यहां छोड़ जाने के कारण यहां पहुंची हैं। इनमें से अधिकांश को यहां रहते हुए 30-30 वर्ष बीत चुके हैं। ये विधवाएं विभिन्न आश्रमों में 7-7, 8-8 घंटे भजन गायन करती ...
बयान को लेकर माफी मांगें हेमा मालिनी'Pressnote.in
महिला कांग्रेसियों ने फूंका हेमा मालिनी का पुतलादैनिक जागरण
हेमा के खिलाफ बीजेपी ऑफिस पर प्रोटेस्टनवभारत टाइम्स
आर्यावर्त -khaskhabar.com हिन्दी
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ज़नाब एक नज़र इधर भी...

  • फिर लहराया गणित के क्षेत्र मेँ भारत का झंडा |

    भारतीय मूल के दो प्रोफेसरों को गणित के क्षेत्र में ग्लोबल पुरस्कार दिया गया है। इनमें से एक को फील्ड मेडल दिया गया है जिसे ‘गणित के नोबेल पुरस्कार’ के रूप में जाना जाता है। सियोल में आयोजित इंटरनेशनल कांग्रेस ऑफ मैथेमेटिक्स में इंटरनेशनल मैथमेटिकल यूनियन (आईएमयू) ने मंजुल भार्गव को फील्ड मेडल और सुभाष खोट को रॉल्फ नेवानलिन्ना पुरस्कार से नवाजा है। प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में गणित के प्रोफेसर भार्गव उन चार विजेताओं में से थे जिन्हें प्रत्येक चार में प्रदान किए जाने वाले इस फील्ड मेडल के लिए चुना गया है। भार्गव को फील्ड मेडल ज्यामितिय संख्या में नई पद्धति को विकसित करने के लिए दिया गया है, जबकि खोट को नेवानलिन्ना पुरस्कार यूनिक गेम्स की समस्याओं को परिभाषित करने, इसकी जटिलताओं..

  • सिर झुकाना नहीं आता

    इतनी मुश्किलें हैं फिर भी उसकी महफ़िल में जाकर मुझको गिडगिडाना नहीं भाता…   वो जो चापलूसों से घिरे रहता है वो जो नित नए रंग-रूप धरता है वो जो सिर्फ हुक्म दिया करता है वो जो यातनाएँ दे के हँसता है मैंने चुन ली हैं सजा की राहें क्योंकि मुझको हर इक चौखट पे सर झुकाना नहीं आता…       उसके दरबार में रौनक रहती उसके चारों तरफ सिपाही हैं हर कोई उसकी इक नज़र का मुरीद उसके नज़दीक पहुँचने के लिए हर तरफ होड मची रहती है और हम दूर दूर रहते हैं लोगों को आगाह किया करते हैं क्या करें, इतनी ठोकरें खाकर भी मुझको दुनियादारी निभाना नहीं आता…   अनवर सुहैल..

  • कुछ यादे (बिछडे लम्हों की )

    वो बचपन ..वो नादानिया वो शरारते ..वो मनमानिया "वो गावं ..वो गलियारे वो आँगन ..वो चोबारे .... जहाँ रिस्तो की ऊँगली पकड़कर मैंने ख़ुद को पहली बार नन्हे कदमो पर चलते देखा था रिस्तो का वो एक मेला था जहाँ हर एक कंधे पर मने ख़ुद को झूलते देखा था " सरकार की नोकरी ने घर की जरूरतों ने पापा को विदेश का रास्ता दिखाया था॥ ६साल की थी जब ,नम आँखों से उस प्लेन को उड़ान भरते देखा था 'भीगी भीगी पलकों से .. माँ को चिट्ठियाँ पढ़ते देखा था टूटी फूटी सब्द रचना से ख़ुद को चिट्ठिया लिखते देखा था " खेतो के बीच से निकली उस पगडण्डी पर मैंने ख़ुद को स्कूल जाते देखा था नन्हे नन्हे कदमो से जब नदिया के पुल से उतरती थी तो ख़ुद को नदिया की गहरायी के डर से उबरते देखा था बढ़ते कद के साथ.. अपनी मासूमियत को शातानियो में बदलते देखा था " ख़..

  • नेता और भगवान |

    नेता को जनता चुनती है भगावान को भक्त ठीक है, नेता जनता के बीच से निकलते है भगवान संतो के बीच से, नेता भी  जनता से अछ्छी तरह परिचित होते भगवान भी भक्तो से  यह भी ठीक है|  लेकिन अंतर कहाँ है देखते है ? भगवान भक्त के प्रेम को देखते  है, नेता जी दौलत को देखते है | भगवान सबको गले लगते है नेता जी अपने फायदे के हिसाब से | भगवान भक्त से मिलने के लिये खुद आते है , नेता जी के यहाँ अर्जी देनी पडती है | भगवान भक्तो के दिल मे बसते है नेता जी जाति, सम्प्रदाय, मे बसते है भगवान भक्तो का भला चाहते है , नेता जी अपना | भगवान देते है नेता जी लेते है | भगवान भक्त के आगे झुकते है, नेता जि झुकाते है | भगवान जाति पात, अमीर गरीब,मे भेद नही करते, नेता जी ...............? हम(आत्मा) भगवान ( परमात्मा) दोनो एक ही है कोयी भेद नही है|   जब तक नेता ..

  • विजयी के सदृश जियो रे - रामधारी सिंह दिनकर

    वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं तोड़ो पीयूष चन्द्रमाओं का पकड़ निचोड़ो   चढ़ तुंग शैल शिखरों पर सोम पियो रे योगियों नहीं विजयी के सदृश जियो रे   जब कुपित काल धीरता त्याग जलता है चिनगी बन फूलों का पराग जलता है सौन्दर्य बोध बन नयी आग जलता है ऊँचा उठकर कामार्त्त राग जलता है   अम्बर पर अपनी विभा प्रबुद्ध करो रे गरजे कृशानु तब कंचन शुद्ध करो रे   जिनकी बाँहें बलमयी ललाट अरुण है भामिनी वही तरुणी नर वही तरुण है है वही प्रेम जिसकी तरंग उच्छल है वारुणी धार में मिश्रित जहाँ गरल है   उद्दाम प्रीति बलिदान बीज बोती है तलवार प्रेम से और तेज होती है   छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये मत झुको अनय पर भले व्योम फट जाये दो बार नहीं यमराज कण..

  • भ्रष्टाचार तभी मिट सकता है जब हमारे और आपके अंदर से आवाज उठनी चाहिये कि हम क्या है |

     हम या आप कुछ कर सकते तो ईतना ही कि एक ग्वाला दूध मे  मिलावट करने से पहले ए सोचे कि ऐ  नौजवान होने वाले  बच्चे हमारे देश के भविश्य है जिसे  मै  मिलावट वला दूध पिला रहा हू , एक शिक्षक ऐ सोचे कि हम हमे इन बच्चो  को शिक्षा देनी ही हमारी प्रथिमकता है ऐ हमारे देश के भविशय है , हम ऐ सोचे कि हमारे घर मे 5 वाट के बल्ब से भी रोशनी हो सकती है , हो सकता है कि  10-20 वर्ष मे ईमांदारी  कि जडे पकड ले या शुरुआत हो जाये |  जब हम अभी से अपने अंदर कि कमियो को अगली पीढी मे नही आने के लिये  उत्प्रेरित करगे, तो लगेगा कि सही रूप मे भ्रस्टाचार के खिलाफ खडे हो गये है | विचार बहुत ही बुनियादी है , लेकिन सहमति नही बनती है ,हमारे 3 -10 लगो के विचार मिल सकते है ,  शिर्फ  विचार ही मिल रहे रहे ना तो मै कायाम हू ना तो आप कायम है (हो ..

  • कोयी चांद पर कविता तभी लिख सकता है जब उसका पेट भरा हो , भुखे आदमी को चांद भी रोटी नजर आती है

    यह पहले भी कह चुका हू अब भी कह रहा हू| आज तक  चैनेल ने ' ऑपरेशन आम आदमी' के जरिए जो खुलासा हुआ है कि कैसे जारी है भ्रष्टाचार| आप किसी भी शहर या प्रदेश से जुडे हो , आप अछ्छी तरह देख रहे होगे सुन रहे होगे , कि  कैम्प लगा है आज आप किसी भी पार्टी की सदस्यता लिजिये, चाहे कोयी भी पार्टी हो  कोयी मानक नही है,  लगता है जैसे संख्या बढानी हो इस जनपद मे, ईतने लोगो ने, इस जनपद मे इतने लोगो ने , सदस्यता ग्रहण की| कौन जुड रहा है, चोर है , ईमांदार है, भ्रश्ट है, कोयी  मानक नही है ना ही मतलब है, कौन लोग जुडने कि कोशिश मे लगे है हम आप अछ्छी तरह जानते है, क्यो कि हमे आप को लगता है कि  फलाँ पार्टी का भविश्य अछ्छा है अभी से जुड जायेगे तो  तो हो सकता है कि आगे चल कर विधायक आदि बन जाये , या प्रशासन के  उपर धौश जमा कर अपना काम ..

  • कविता: नए साल की शुभकामनाएँ!

    1. खेतों को नाज मिले बैलों को सानी जंगल को पेड़ मिलें नदिया को पानी     बिटिया को प्‍यार मिले बेटे को काज तवे को रोटी मिले चूल्‍हे को आग   बटिया को राही मिले प्‍यासे को कुवाँ बच्‍चों को खेल मिले चिमनी को धुवाँ   जुगनू को रा‍त मिले चिडि़या को आसमान ‘होरी’ को मान मिले संघर्ष को दास्‍तान   सागर भी नीला रहे पर्वत हो धानी ऐसा हो नया साल सपनों के मानी लेखक कमल जोशी          2. नये साल की शुभकामनाएँ! खेतों की मेड़ों पर धूल-भरे पाँव को, कुहरे में लिपटे उस छोटे-से गाँव को, नए साल की शुभकामनाएँ!   जाते के गीतों को, बैलों की चाल को, करघे को, कोल्हू को, मछुओं के जाल को, नए साल की शुभकामनाएँ!   इस पकती रोटी को, बच्चों के शोर को, चौंके की गुनगुन को, चूल्हे की भोर को, नए साल की शुभकामनाएँ! &n..

  • तुम अपनी हो, जग अपना है

    तुम अपनी हो, जग अपना है किसका किस पर अधिकार प्रिये फिर दुविधा का क्या काम यहाँ इस पार या कि उस पार प्रिये । देखो वियोग की शिशिर रात आँसू का हिमजल छोड़ चली ज्योत्स्ना की वह ठण्डी उसाँस दिन का रक्तांचल छोड़ चली । चलना है सबको छोड़ यहाँ अपने सुख-दुख का भार प्रिये, करना है कर लो आज उसे कल पर किसका अधिकार प्रिये । है आज शीत से झुलस रहे ये कोमल अरुण कपोल प्रिये अभिलाषा की मादकता से कर लो निज छवि का मोल प्रिये । इस लेन-देन की दुनिया में निज को देकर सुख को ले लो, तुम एक खिलौना बनो स्वयं फिर जी भर कर सुख से खेलो । पल-भर जीवन, फिर सूनापन पल-भर तो लो हँस-बोल प्रिये कर लो निज प्यासे अधरों से प्यासे अधरों का मोल प्रिये । सिहरा तन, सिहरा व्याकुल मन, सिहरा मानस का गान प्रिये मेरे अस्थिर जग को दे दो तुम प्राणों क..

  • यह पल-भर का उन्माद प्रिये।

    बस इतना--अब चलना होगा फिर अपनी-अपनी राह हमें । कल ले आई थी खींच, आज ले चली खींचकर चाह हमें तुम जान न पाईं मुझे, और तुम मेरे लिए पहेली थीं; पर इसका दुख क्या? मिल न सकी प्रिय जब अपनी ही थाह हमें । तुम मुझे भिखारी समझें थीं, मैंने समझा अधिकार मुझे तुम आत्म-समर्पण से सिहरीं, था बना वही तो प्यार मुझे । तुम लोक-लाज की चेरी थीं, मैं अपना ही दीवाना था ले चलीं पराजय तुम हँसकर, दे चलीं विजय का भार मुझे । सुख से वंचित कर गया सुमुखि, वह अपना ही अभिमान तुम्हें अभिशाप बन गया अपना ही अपनी ममता का ज्ञान तुम्हें तुम बुरा न मानो, सच कह दूँ, तुम समझ न पाईं जीवन को जन-रव के स्वर में भूल गया अपने प्राणों का गान तुम्हें । था प्रेम किया हमने-तुमने इतना कर लेना याद प्रिये, बस फिर कर देना वहीं क्षमा यह पल-भर का उन्माद प्रिये। ..

  • नारी जीवन और उसकी पिडा

    आज के इस दौर मे नारी जीवन महज एक समझौते पर निर्धारित हो गया है समाज मेँ नारी का अस्तित्व मजाक बन कर रह गया है, समाज के वर्तमान पेरिवेश मे नारी को हर जगह सहना पड रहा है या समझौता करना पड रहा है,  क्या एक पुरुष इस पीडा का अनुमान लगा सकता है, जो एक नारी सहती  चली आ रही है |   पुरुष तो उस पीडा की कल्पना भी नही कर सकता है, समाज से जैसे इंसानियत समाप्ति की तरफ बढ रही है , और हर तरफ भ्रष्टाचार , बहिस्कार, बलात्कार फैलता जा रहा है हर तरफ शिकरी शिकार ढुढने लगा है , कौन भेडिया  किस रुप मे घूम रहा है समझना मुस्किल है , हैवानियत इतनी बढ गयी है कि अपने खून के रिश्ते भी शर्मसार हो रहे है | इस तरह के लोग समझ नही पा रहे है , नारी शक्ति स्वरुप है , जिसके बल पर यह संस्सर कायम है |     यह नारी किससे कहे कहाँ फरियाद करे , इ..

  • श्री रामकृष्ण परमहंस - तर्क से धर्म प्राप्त नहीं हो सकता।

    श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने नित्य बहुत सारे लोग आते थे,वे उनसे तरह तरह के तर्क करते रहते थे,रामकृष्ण सभी के तर्को का जवाब खुशी खुशी देते थे।एकबार केशवचन्द्र नामक बहुत बड़े विद्वान तार्किक उनके पास तर्क करने पहुँचे,केशवचन्द्र रामकृष्ण को अपने तर्को से हराना चाहते थे।रामकृष्ण तो पढ़े लिखे नहीं थे,परन्तु वे सिद्ध पुरुष थे,परन्तु केशवचन्द्र के नजर में वे गंवार थे।उस दिन काफी चर्चा से बहुत भीड़ जुट गई,सबलोग सोच रहे थे कि रामकृष्ण अवश्य हार जायेंगे कारण उस सदी के सबसे बड़े विद्वान,तार्किक जो पधारे थे।केशवचन्द्र ईश्वर के खिलाफ तर्क देने लगे,रामकृष्ण विरोध नहीं करके उनकी प्रशंसा करने लगे,क्या दलील दी आपने।केशवचन्द्र सोच रहा था कि रामकृष्ण मेरे तर्को को गलत कहेगा तभी तो तर्क विवाद बढ..

  • हिंदू विवाह के सात फेरे और सात वचन

    विवाह = वि + वाह, अत: इसका शाब्दिक अर्थ है - उत्तरदायित्व का वहन करना। पाणिग्रहण संस्कार को सामान्य रूप से हिंदू विवाह के नाम से जाना जाता है। अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का बंधन होता है जिसे कि विशेष परिस्थितियों में तोड़ा भी जा सकता है, परंतु हिंदू विवाह पति और पत्नी के बीच कयी जन्मो का सम्बंध होता है जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं तोड़ा जा सकता। अग्नि के सात फेरे लेकर और कयी चोजो को साक्षी मान एक पवित्र बंधन होता हैं। हिंदू विवाह में मे इस संम्बंध को अत्यंत पवित्र माना गया है। सात फेरों और सात वचन विवाह के बाद कन्या वर के वाम अंग में बैठने से पूर्व उससे सात वचन लेती है। कन्या द्वारा वर से लिए जाने वाले सात वचन इस प्रकार है। वचन 1 तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञक..

  • चिठ्ठी आई है ( प्रताप सोमवंशी)

    भइया की चिठ्ठी आई है घर भर की बातें लाई है पहले लिखा तुम्हे प्यार है और आगे भाभी बीमार है छुटकी को अक्सर बुखार है लिखी अम्मा की पुकार है   आंखे जैसी की तैसी है, गठिया की हालत वैसी है अब तो बेटे है ये लगता, मौत ही जैसे अंतिम हल है शेष कुशल है       घर में पैसे चार नहीं है मिलता कही उधार नहीं है भाई जबसे दिन बिगड़े हैं, कोई नातेदार नही है। छोटे का तुम हाल न पूछो मोटी कितनी खाल न पूछो अरजी आज नई दे आया, और अगला इंटरव्यू कल है शेष कुशल है   बहना का संदेश आया है, उसने फिर ये कहलाया है। सामान और नगदी की खातिर, सास-ससुर ने धमकाया है। कुछ न कुछ सहते रहते हैं, ऐसे दिन कटते रहते हैं। ये सब छोड़ो अपनी लिखना, बीत रहे कैसे छिन-पल हैं। शेष कुशल है।   बप्पा खुद से जूझ रहे हैं, कब आओगे पूछ रहे हैं। लिख दो ख्याल र..

  • संपादकीय : प्रजातन्त्र कैसे हो सकता है अपने मूल रुप मे फलीभूत |

    सविंधान मे राजनितिक दल नाम की कोयी चीज नही है| सरकार बनाने के लिये सदन का बहुमत हासिल होने की शर्त रखी गयी है | समूह बनाने का मौलिक अधिकार  सविधान मे दिया गया है, इसी समूह बनाने की आजादी के मौलिक अधिकार की भावना के तहत लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 सँसद  मे बनाया गया | इसी नियम के तहत राजनितिक दलो का वजूद आया और उनकी पंजीकरण की व्यवस्था की गयी | राजनितिक दलो की सदस्यता देश के सभी नाग्रिको के लिये मुक्त रखी गई है | इसी प्रविधान का सहारा लेकर किसी भी राजनितिक दल का अध्यकक्ष अपने सगे सम्बधियो को अपने ही राजनितिक दल मे सामिल कर लेता है और पार्टी को राजतन्त्र  की उत्तराधिकारी वाली व्यस्था मे परिवर्तित कर देता है, इस प्रकार प्रजातन्त्र की मूल भावना की हत्या हो जाती है | कितना अच्छा होता कि लोकप्रति..

  • चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो

    1. चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो चाहे गीता पढ़ो या आमिले कुरान बनो चाहे ईसाई बनो या के सिख बन जाओ हर मजहब कहता है पहले मगर इंसान बनो         2. तड़पते दिल की सदाएँ सुनो करो कोशिश बेकरारों को सुकूनो करार दे जाओ जो भी आया है वो जाने के लिए आया है आदमी हो तो आदमी को प्यार दे जाओ 3. आँख हिन्दू है मेरी दिल है मुसलमान मेरा बताओ दफ़्न करोगे के तुम जलाओगे और इसी बात पे दोनों ही अगर झगडे तो मेरी मिट्टी को ठिकाने कहाँ लगाओगे? 4. राम दिल्ली में तो मुंबई में बिक गई सीता कृष्ण मथुरा में तो काशी में बिक गई गीता चलन इस दौर का कैसा ये हो गया लोगो आज हर दिल लगे है प्यार से रीता-रीता 5. टूट जाती है साँस जब तेरी लोग उल्फ़त का सिला देते हैं खाक पर खाक डाल कर तेरी खाक में खाक मिला देते हैं 6. दोस्तों को दिल दुखाना ..

  • गौतम बुद्ध- वैग्यानिक पहलू (Indusial Identity Born Due To Pre conception of Mind)

    गौतम बुद्ध ने देखा कि वह पिपल का पत्ता जिसके निचे वे बैठ कर तपस्यारत थे ओ पत्ता और उनका शरीर एक समान है | इसमे से किसी का न प्रिथक अस्तितव (separate existence ) है न वह अस्तित्व स्थाई है (or not stable ) समस्त संस्सारिक प्रपंचो का परस्परअल्म्बन (Dependent To Each Other) देखकर बुद्ध ने समस्त प्राणियो की खोखली प्रक्रित (Nature) को समझ लिया था कि सब प्रिथक और सव्तंत्र अस्तित्व से रहित है | उनको इस सत्य का साक्षात्कार हुआ कि मुक्ति के कुंजी परस्पर अवल्मबन था अनात्म के सिद्धोन्तो मे ही निहित है | अपने शरीर , भावनाओ , अवधारणाओ , मानशिक भाव बोध और चेतना की नदियो के प्रकाश की अनुभुती से बुद्ध समझ गये थे कि जीवन के परम आश्यक तत्व है- अनित्यता था अन्नात्म | यदि ये न हो तो न तो कुछ अस्तित्वान हो और न उसका विकाश हो | यदि धान ( Tree Of Rice ) अनित्य एवँ अनात्म भा..

  • हिंदू धर्म क्या कहता है ?

    हिंदू धर्म क्या कहता है ?   हिंदू धर्म मे इन चार की  चर्चा की गयी है चार वर्ण-  क्षत्रिय, ब्राहम्ण, वैश्य, सुद्र चार आश्रम – ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास चार पुरसार्थ – धन , धर्म , काम, मोक्ष.   चार वर्ण -पहले वर्ण कर्म के अनुसार निर्धारित होता था आज के समय मे आनुवंशिक हो गया है, राजा का लडका  राजा होगा मुख्य मंत्री का लडका मुख्य मंत्री होगा , विधायक का लडका विधायक होगा, सांसद का लडका सांसद होगा,  कोशिश यही रहती है |   चार आश्रम -पहले  यह निर्धारित था और आज के के समय मे आश्रम का कोयी क्रम निर्धारित नही है इनमे से (ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास)     चार पुरसार्थ- (धन , धर्म , काम, मोक्ष) – आज के समय मे धन और काम ही पुरसार्थ मे बचा है धर्म और मोक्ष विलुप्त हो गया ह..

  • नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं

    नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं, हम छलनी में पानी भरने निकले हैं। आँसू पोंछ न पाए अपनी आँखों के और जगत की पीड़ा हरने निकले हैं। पानी बरस रहा है जंगल गीला है, हम ऐसे मौसम में मरने निकले हैं। होंठो पर तो कर पाए साकार नहीं, चित्रों पर मुस्कानें धरने निकले हैं। पाँव पड़े न जिन पर अब तक सावन के ऐसी चट्टानों से झरने निकले हैं।   जिंदगी को जुबान दे देंगे    जिंदगी को जुबान दे देंगे धडकनों की कमान दे देंगे हम तो मालिक हैं अपनी मर्ज़ी के जी में आया तो जान दे देंगे रखते हैं वो असर दुआओं में हौसले को उड़ान दे देंगे जो है सहमी पड़ी समंदर में उस लहर को उफान दे देंगे जिनको ज़र्रा नही मयस्सर है उनको पूरा जहान दे देंगे करके मस्जिद में आरती-पूजा मंदिरों से अजान दे देंगे मौत आती 'किरण' है आ जाए तेर..

  • दोस्ती किस तरह निभाते हैं (कविता किरण)

    दोस्ती किस तरह निभाते हैं, मेरे दुश्मन मुझे सिखाते हैं। नापना चाहते हैं दरिया को, वो जो बरसात में नहाते हैं। ख़ुद से नज़रें मिला नही पाते, वो मुझे जब भी आजमाते हैं। ज़िन्दगी क्या डराएगी उनको, मौत का जश्न जो मनाते हैं। ख़्वाब भूले हैं रास्ता दिन में, रात जाने कहाँ बिताते हैं।  ..

  • मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में ( पूर्णिमा वर्मन)

    कभी इन्कार चुटकी में, कभी इक़रार चुटकी में कभी सर्दी ,कभी गर्मी, कभी बौछार चुटकी में ख़ुदाया कौन-से बाटों से मुझको तौलता है तू कभी तोला, कभी माशा, कभी संसार चुटकी में कभी ऊपर ,कभी नीचे ,कभी गोते लगाता-सा अजब बाज़ार के हालात हैं लाचार चुटकी में ख़बर इतनी न थी संगीन अपने होश उड़ जाते लगाई आग ठंडा हो गया अख़बार चुटकी में न चूड़ी है, न कंगन है, न पायल है ,न हैं घुँघरू मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में  ..

  • जब तक आम आवाम नही सुधरेगी , देश सुधर ही नही सकता

    कयी पहलुओ पर ध्यान देना होगा, पहले हम  सोचते है सरकारी मुलाजि के बारे मे जिससे व्यस्था संचालित होती है ( जिला अधिकारी से लेकर  फोर्थ क्लास  तक ) – चाहे आप विकलांग हो, चाहे आप पिछडे वर्ग से हो , चाहे आप किसी वर्ग से समबंधित हो , सरकार  कि किसी  भी स्कीम का लाभ लेना चाहते हो , उसका लाभ लेने के लिये आप को लोहे के चने चबाने पडí..

  • जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें ( वर्षा सिंह)

    जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें । इंतज़ार की पीड़ा सहतीं, रात जगी बूढ़ी आँखें । दुनिया का दस्तूर निराला, स्वारथ के सब मीत यहाँ फ़र्क नहीं कर पातीं कुछ भी, नेह पगी बूढ़ी आँखें । आते हैं दिन याद पुराने, अच्छे-बुरे, खरे-खोटे, यादों में डूबी-उतरातीं, बंद-खुली बूढ़ी आँखें । मंचित होतीं युवा पटल पर, विस्मयकारी घ..

  • बेहतर दुनिया (नवनीत शर्मा)

    बेहतर दुनिया, अच्‍छी बातें, पागल शायर ढूंढ़ रहे हैं ज़हरीली बस्‍ती में यारो, हम अमृतसर ढूंढ़ रहे हैं   ख़ालिस उल्‍फ़त,प्‍यार- महब्‍बत, ख़्वाब यक़ीं के हैं आंखों में  दिल हज़रत के भी क्‍या कहने ! बीता मंज़र ढूंढ़ रहे हैं   सीख ही लेंगे साबुत रहना अपनी आग में जल कर भी हम  दर्द को किसने देखा पहले तो अपना सर ढूंढ रहे हैं ..

  • मुल्क तेरी बर्बादी के

    मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है , चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है   ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ , रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है   हर गली में, हर सड़क पे ,मौन पड़ी है ज़िंदगी , हर जगह मरघट से हालात नज़र आते है   सुनता है आज कौन द्रौपदी की चीख़ को , हर जगह दुस्सासन सिपहसालार नज़र आते है   सत्ता से समझ&#..

  • चल मन, उठ अब तैयारी कर

    चल मन, उठ अब तैयारी कर यह चला - चली की वेला है । कुछ कच्ची - कुछ पक्की तिथियाँ कुछ खट्टी - मीठी स्मृतियाँ स्पष्ट दीखते कुछ चेहरे कुछ धुँधली होती आकृतियाँ है भीड़ बहुत आगे - पीछे, तू, फिर भी आज अकेला है । माँ की वो थपकी थी न्यारी नन्ही बिटिया की किलकारी छोटे बेटे की नादानी, एक घर में थी दुनिया सारी चल इन सबसे अब दूर निकल, दुन..

  • पेन्सिल की कहानी !

    एक बालक अपनी दादी मां को एक पत्र लिखते हुए देख रहा था। अचानक उसने अपनी दादी मां से पूंछा, " दादी मां !" क्या आप मेरी शरारतों के बारे में लिख रही हैं ? आप मेरे बारे में लिख रही हैं, ना " यह सुनकर उसकी दादी माँ रुकीं और बोलीं , " बेटा मैं लिख तो तुम्हारे बारे में ही रही हूँ, लेकिन जो शब्द मैं यहाँ लिख रही हूँ उनसे भी अधिक महत्व इस &..

  • मेहदी हसन साहब की एक उम्दा गज़ल

    तेरी आँखो को जब देखा  कँवल कहने को जी चाहा  मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा तेरा नाजुक बदन छूकर  हवाएं गीत गाती है  बहारें देखकर तुझको  नया जादू जगाती है  तेरे होठों को कलियों का  बदल कहने को जी चाहा मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा इजाजत हो तो आँखो में  छुपा लूं, ये हंसी जलवा  तेरे रुख़साë..

  • महान क्रन्तिकारी-अशफाक: एक पत्र देशवासियों के नाम !

    मेरे प्यारे देशवासियों, भारत माता को आजाद करवाने के लिए रंगमंच पर हम सभी भूमिका अदा कर चुके है | गलत किया या सही, हमने जो भी किया, स्वंतत्रता पाने की भावना से प्रेरित होकर किया | हमारे अपने निंदा करे या प्रंशसा, लेकिन हमारे दुश्मनों तक को हमारी हिम्मत और वीरता की प्रंशसा करनी पड़ी है | कुछ लोग कहते है की हमने गुलामी ..

  • स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण

    स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण, विश्व धर्म महासभा में जिसने पुरे विश्व के जन मानश को झकझोर दिया था |  मेरे अमरीकी भाइयो और बहनों!  आपने जिस सौहार्द और स्नेह के साथ हम लोगों का स्वागत किया हैं उसके प्रति आभार प्रकट करने के निमित्त खड़े होते समय मेरा हृदय अवर्णनीय हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। संसार में &#..

  • मन के हारे हार है मन के जीते जीत !

    दोस्तों , बहुत दिनों से आप अपने आपको थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहे हैं ! मन में भी नकारात्मक भाव आ रहे हैं ,कोई उमंग महसूस नहीं हो रही है ! जिंदगी बोझिल सी हो रही है ! ऐसे में आप किसी डॉक्टर के पास जाते हैं ! वो आपकी पूरी जांच करने के बाद गंभीर स्वर में आपसे कहता है ,--'माफ़ कीजिएगा ! लेकिन आपकी reports देख कर मुझे लगता है की अगले एक सा&#..

  • हम और आप (स्म्मान और आत्म्समान )

    हम पैदा होते है धीरे धीरे बडे होते है स्कूल जाने लगते है क, ख, ग ( A, B, C, ) सिखना चालू करते है, थोडा और बडे होते है , क से कबूतर , ख से खरगोश , ग से गमला और ( A for Apple , B for Bat, C for Cat ) सीख लेते है , फिर बहूत कुछ सिखते है , पास होते है फेल होते है, कोयी I.A.S . बनता है कोयी P.C.S. बनता है कोयी बाबू बनता है , कोयी चपरासी बनता है , कोयी नेता बनता है कोयी कार्यकर्ता बनता है |  फिर ..


प्रभात खबर

कम नहीं हो रहा चीन का दु:साहस, सैनिक फिर घुसे भारतीय सीमा में, चुमार में जमाया ठिकाना
प्रभात खबर
नयी दिल्ली : लद्दाख के चुमार इलाके में चीन की पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवानों ने वापसी के कुछ ही घंटों बाद फिर से भारतीय सीमा में अपना ठिकाना जमा लिया है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि पीएलए के करीब 35 जवान पूर्वोत्तर लद्दाख के चुमार इलाके में लौट आए और वे एक छोटी पहाडी पर जमे हुए हैं. वे दावा कर रहे हैं कि वह इलाका चीन का हिस्सा है. उनके अलावा, करीब 300 सैनिक वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बनाए हुए हैं. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की यात्रा पर आए चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई शिखर वार्ता के दौरान डेम्चोक और ...
चुमार में फिर लौटे चीनी सैनिक, जमे हुए हैं एक छोटी सी पहाड़ी परZee News हिन्दी
नहीं सुधरे ड्रैगन, लद्दाख के चुमार में फिर घुसे चीनी सैनिकOneindia Hindi
चुमार में फिर लौटे चीनी सैनिक, जमे हुए हैं एक छोटी पहाड़ी परWebdunia Hindi
दैनिक जागरण -नवभारत टाइम्स -ABP News
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नवभारत टाइम्स

घर के विवाद में यशवंत ने भेजा अजित सिंह को नोटिस
नवभारत टाइम्स
12 तुगलक रोड बंगला खाली करने के बाद भी पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बीजेपी के सीनियर नेता यशवंत सिन्हा ने उनके एक बयान पर कानूनी नोटिस भेज दिया है। अजित सिंह के सरकारी बंगला खाली नहीं करने को लेकर हुए विवाद में यशवंत सिन्हा का नाम घसीट लिया था। अजित सिंह ने कहा था कि केंद्र सरकार उन्हें निशाना बना रही है, जबकि यशवंत सिन्हा जैसे उसके अपने नेता आज भी सरकारी घरों पर कब्जा जमाए हुए हैं। [ जारी है ] ...
अजीत सिंह सरकारी बंगला खाली करेंगे 24 सितंबर कोआज तक
'क्यों नहीं बन सकता चरण सिंह का स्मारक'देशबन्धु
स्मारक के लिए आंदोलन करते रहेंगे : अजितदैनिक जागरण
प्रभात खबर -Live हिन्दुस्तान -आईबीएन-7
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आईएस को हराने में 'मदद कर सकता है ईरान'
बीबीसी हिन्दी
अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने कहा है कि अमरीका के नेतृत्व में बने सैन्य गठबंधन में आमंत्रित नहीं किए जाने के बावजूद ईरान इस्लामिक स्टेट के चरमपंथियों से लड़ने में अपनी भूमिका अदा कर सकता है. पिछले हफ़्ते अमरीका ने कहा था कि 'सीरिया और अन्य जगहों पर संबद्ध' होने के कारण ईरान का इस गठबंधन में शामिल होना उचित नहीं होगा. इराक़ और सीरिया के बड़े हिस्से पर इस्लामिक स्टेट के लड़ाकों का नियंत्रण है जिनके ख़िलाफ़ अमरीका और फ्रांस दोनों ने हवाई हमले किए हैं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए जॉन कैरी ने कहा कि इस्लामिक स्टेट को ख़त्म करने ...

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महिलाओं को यौन विकृतियों से कानूनी संरक्षण जरूरी: कोर्ट
दैनिक जागरण
पूर्वी दिल्ली [जासं]। महिलाओं को वैवाहिक दुष्कर्म व उनके पति की हर प्रकार की यौन विकृतियों से कानूनी संरक्षण प्रदान करने की जरूरत है। यह टिप्पणी रोहिणी कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कामिनी लॉ की अदालत ने पत्‍‌नी से दुष्कर्म व उसे अप्राकृतिक सेक्स में शामिल होने के लिए मजबूर करने के मामले में आरोपी की जमानत की अर्जी खारिज करने के दौरान की। पीड़ित ने पुलिस में मामला दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उसका पति उसके साथ दुष्कर्म व अप्राकृतिक सेक्स करता था। पति अश्लील वीडियो दिखाता था और उसे शारीरिक रूप से नुकसान भी पहुंचाता था। अदालत ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि वह ...

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Sahara Samay

स्कॉटलैंड की 'नो', युनाइटेड रहेगा यूके
नवभारत टाइम्स
ब्रिटेन का स्कॉटलैंड के साथ 307 साल पुराना गठबंधन बरकरार रहेगा। ​ स्कॉटलैंड में हुए जनमत संग्रह में वहां के लोगों ने ब्रिटेन से आजादी के विचार को खारिज कर दिया है। ज्यादातर लोगों ने ब्रिटेन के साथ बने रहने के पक्ष में वोट दिया। स्कॉटलैंड के इस जनादेश से ब्रिटेन को बड़ी राहत मिली है। 32 में से 28 काउंसिलों ने आजादी की मांग को खारिज कर दिया, जबकि 4 ने इसका समर्थन किया। नतीजों में 55 फीसदी लोगों ने ब्रिटेन के साथ रहने की हामी भरी है जबकि आजाद स्कॉटलैंड के पक्ष में 45 फीसदी लोगों ने वोट डाले। फ्रीडम चाहिए या नहीं जनमत संग्रह में वोटिंग के लिए वोटरों को जो पर्ची दी गई ...
स्कॉटलैंड नहीं छोड़ेगा ब्रिटेन का साथबीबीसी हिन्दी
अब ब्रिटेन को निभानी होगी जिम्मेवारीप्रभात खबर
अलगाव के खिलाफLive हिन्दुस्तान
आईबीएन-7
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'मुस्लिम गरबा में आएं, तो मां या बहन साथ लाएं'
नवभारत टाइम्स
गरबा उत्सव में मुसलमानों की एंट्री पर इंदौर से शुरू हुआ विवाद अब भोपाल पहुंच गया है। हिंदू उत्सव समिति ने गरबा में आने वाले युवकों से अपना परिचय पत्र साथ लाने को कहा है, वहीं भोपाल से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि अगर मुस्लिम युवक गरबा महोत्सव में हिस्सा लेना चाहते हैं तो वे लिखकर दें कि हिंदू धर्म में उनकी आस्था है। साथ ही, जब वे गरबा में आएं तो अपनी मां या बहन को साथ लेकर आएं। गरबा में मुसलमानों के प्रवेश का मुद्दा इंदौर से शुरू हुआ था। इंदौर की बीजेपी विधायक ऊषा ठाकुर ने सर्कुलर जारी करके इंदौर के सभी गरबा आयोजकों से अपील की थी कि वे अपने यहां ...

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ट्रायम्फ ने लॉन्च की थंडरबर्ड एलटी
मनी कॉंट्रोल
तेजी से बढ़ रहे प्रीमियम बाइक सेगमेंट का पूरा फायदा उठाने के लिए दुनिया भर की प्रीमियम बाइक कंपनियों ने भारत में अपनी प्रोडक्ट रेंज और नेटवर्क का तेजी से विस्तार शुरू कर दिया है। ब्रिटिश बाइक कंपनी ट्रायम्फ ने नई क्रूजर बाइक थंडरबर्ड एलटी भारत में लांच की है। ये भारत में ट्रायम्फ की तीसरी क्रूजर बाइक है। इसमें दुनिया का सबसे बड़ा पैरलल ट्विन इंजन है। जिसमें 1700 सीसी की क्षमता है और ये 93 बीएचपी की पॉवर देता है। राइडिंग को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने के लिए कंपनी ने इसमें नए फ्रेम का इस्तेमाल किया है। साथ अच्छे लुक के लिए पहली बार इस बाइक में व्हाइट वॉल टायर लगाए गए हैं।
PHOTOS : होंडा सिटी कार से भी महंगी है यह लग्जरी बाइकkhaskhabar.com हिन्दी
भारत में लॉन्च हुई ब्रिटिश बाइक, कीमत 15.75 लाखअमर उजाला
ट्रायंफ ने उतारी हौंडा सिटी से भी महंगी बाइकपंजाब केसरी

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फेस टु फेस

लोकसभा जितने के बाद : मोदी

जानिये जनता की समस्या : इनकी जुबानी

RavindraNathPrajapati
RGGVY Yojana me BPL Pariwaro ko chhor anya pariwaro ko labhanwit kiya gaya hai. Iss aniymitata ke khilaph adhishasi abhiyanta aur m.d. se shikayat karne ke bad bhi sunvayi nahi hui hai. BPL pariwar ke log upekshit ho gaye hai. Aash bhari nigah se dekआगे पढें...

Abusahma
Humare yahan safai ki vyawastha kafi kharab hai niyukti ke baad aaj tak kabhi safai karmchari dikhai nahi diya.dr.Abusahma kabulpur jaunpurआगे पढें...

ANKIT SINGH YADAV
नौपेडवा से बटाऊबीर मार्ग सन् 2012 मे प्रधानमँत्री ग्रामीण सडक योजना के अँतर्गत बनकर तैयार हुआ था जबकि सडक बने 1 साल हुए है मगर सडक को देखकर कोई भी यह नही कहेगा कि ये एक साल की बनी है बल्कि ये कहेगा कि यह 5 से8 साल पहले कि है पर जनता बेवकूफ है जो इस एआगे पढें...

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भारत का प्रधान मंत्री कौन है ?

  • मनमोहन सिंह
  • आडवाणी
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