अगस्त 02, 2014 09:59:30 तक के समाचार

रिपोर्टर लाग इन

 प्रदेशजिलातहसीलगाँव

शक्ति प्रदर्शन कर चुनौती देगी आप !

आम आदमी पार्टी (आप) जंतर मंतर पर 3 अगस्त को सभा के माध्यम से शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। प्रचार के हर तरीके का इस्तेमाल किया जा रहा है।यहां तक कि कई कमर्शियल स्पेस पर जंतर मंतर चलो के पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं, पोस्टर लगाते चार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की मुखालफत करने ‘आप’ के सभी वरिष्ठ नेता मैदान में थे।पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सुबह ट्विटर पर इसका विरोध किया। वहीं, दोपहर बाद मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आशुतोष और दिलीप पांडेय ने इसी मुद्दे पर मीडिया से बात की। दरअसल, राष्ट्रपति और उपराज्यपाल को विधानसभा भंग करने की गुजारिशी चिट्ठी भेजने के बाद भी पार्टी की मांग पूरी नहीं हो सकी।हालांकि पार्टी सभा और विरोध प्रदर्शन में आने वाले लोगों की संख्या पर बात करने से इंकार कर रही

आगे पढ़ें...


Live हिन्दुस्तान

हार के बाद सोनिया-राहुल पर फिर उठे सवाल, कांग्रेसी नेता बोले- दो साल की छुट्टी पर जाएं मां-बेटे
दैनिक भास्कर
नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनावों में मिली ऐतिहासिक हार के बाद कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्‍व को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं, लेकिन अब पार्टी के एक नेता ने इन्‍हें छुट्टी लेने की सलाह दे डाली है। पंजाब कांग्रेस के बड़े नेता और कांग्रेस वर्किंग कमिटी के पूर्व सदस्य जगमीत सिंह बराड़ का कहना है कि चुनाव में मिली करारी हार के मद्देनजर अगर सोनिया और राहुल दो साल का ब्रेक ले लेते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। पार्टी कमान नए हाथों में सौंपने की मांग पंजाब से सांसद रह चुके बराड़ ने कहा कि कांग्रेस की बुरी हार के बाद ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (एआईसीसी) के ...
सोनिया और राहुल पर फूटा बराड़ बम! CWC सदस्य बोले, मां-बेटे जाएं दो साल की छुट्टी परआज तक
सोनिया, राहुल को छुट्टी ले लेनी चाहिए: बराड़Live हिन्दुस्तान
सोनिया-राहुल जायें दो साल की छुट्टी पर:बराड़प्रभात खबर
एनडीटीवी खबर -Nai Dunia
सभी 11 समाचार लेख »

एनडीटीवी खबर

पुणे भूस्खलन : मरने वालों की तादाद 73 हुई, मलबे में फंसे लोगों के जीवित बचने की उम्मीद कम
एनडीटीवी खबर
मालिण: भूस्खलन के बाद मलबे के ढेर में बदले पुणे के मालिण गांव में मरने वालों की संख्या 73 तक पहुंच गई है। एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन की मदद से मलबा हटाने के काम में जुटी हैं और इस काम में उन्हें स्थानीय लोगों की ओर से भी मदद मिल रही है। मलबा हटाने के काम में लगे लोगों का कहना है कि अब किसी के जिंदा रहने की उम्मीद कम ही है, लेकिन बावजूद इसके उन्हें उम्मीद है कि वे कुछ और लोगों को मलबे से जीवित निकाल पाएंगे। अब भी करीब 80 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि कल मलबा हटाने के दौरान 29 और शवों को निकाला गया। गांव से मिट्टी हटाने का काम अगले दो दिन में ...
पुणे गांव भूस्खलन : मृतक की संख्या बढ़कर हुई 70, बचाव कार्य में आ रही बाधाZee News हिन्दी
पुणे भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 73 हुई, मलबे में अभी भी 150 लोग फंसेप्रभात खबर
पुणे की आफत में अब तक 63 शव बरामदनवभारत टाइम्स
p7news -Bhasha-PTI
सभी 200 समाचार लेख »

Live हिन्दुस्तान

सी-सैट मामले में सरकार रविवार को दे सकती है बयान
Live हिन्दुस्तान
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) परीक्षा के पाठ्यक्रम पर उठे विवाद को लेकर संसद में हंगामे के बीच संभावना जताई जा रही है कि रविवार को केंद्र सरकार इस मामले पर समिति की अनुशंसाओं पर विचार के बाद अपना रुख साफ कर सकती है। इस बीच छात्रों ने अपना आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। इससे पहले शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री ने सदन को यह भरोसा दिलाया था कि सरकार इसका उचित समाधान निकालेगी। राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में कहा था कि सरकार यूपीएससी परीक्षा के भाषा से संबंधित मुद्दे का उचित समाधान जल्द ढूंढ निकालेगी। उन्होंने कहा, ''सरकार ने छात्रों के प्रदर्शन को गंभीरता से लिया ...
सी-सैट पर संसद ठपJansatta
यूपीएससी विवाद पर विपक्षियों ने सरकार को संसद में घेराp7news
यूपीएससी मुद्दे पर संसद में हंगामा, सरकार ने जल्द फैसले का आश्वासन दियाSahara Samay
Zee News हिन्दी -नवभारत टाइम्स -दैनिक जागरण
सभी 52 समाचार लेख »

ज़नाब एक नज़र इधर भी...

  • सिर झुकाना नहीं आता

    इतनी मुश्किलें हैं फिर भी उसकी महफ़िल में जाकर मुझको गिडगिडाना नहीं भाता…   वो जो चापलूसों से घिरे रहता है वो जो नित नए रंग-रूप धरता है वो जो सिर्फ हुक्म दिया करता है वो जो यातनाएँ दे के हँसता है मैंने चुन ली हैं सजा की राहें क्योंकि मुझको हर इक चौखट पे सर झुकाना नहीं आता…       उसके दरबार में रौनक रहती उसके चारों तरफ सिपाही हैं हर कोई उसकी इक नज़र का मुरीद उसके नज़दीक पहुँचने के लिए हर तरफ होड मची रहती है और हम दूर दूर रहते हैं लोगों को आगाह किया करते हैं क्या करें, इतनी ठोकरें खाकर भी मुझको दुनियादारी निभाना नहीं आता…   अनवर सुहैल..

  • कुछ यादे (बिछडे लम्हों की )

    वो बचपन ..वो नादानिया वो शरारते ..वो मनमानिया "वो गावं ..वो गलियारे वो आँगन ..वो चोबारे .... जहाँ रिस्तो की ऊँगली पकड़कर मैंने ख़ुद को पहली बार नन्हे कदमो पर चलते देखा था रिस्तो का वो एक मेला था जहाँ हर एक कंधे पर मने ख़ुद को झूलते देखा था " सरकार की नोकरी ने घर की जरूरतों ने पापा को विदेश का रास्ता दिखाया था॥ ६साल की थी जब ,नम आँखों से उस प्लेन को उड़ान भरते देखा था 'भीगी भीगी पलकों से .. माँ को चिट्ठियाँ पढ़ते देखा था टूटी फूटी सब्द रचना से ख़ुद को चिट्ठिया लिखते देखा था " खेतो के बीच से निकली उस पगडण्डी पर मैंने ख़ुद को स्कूल जाते देखा था नन्हे नन्हे कदमो से जब नदिया के पुल से उतरती थी तो ख़ुद को नदिया की गहरायी के डर से उबरते देखा था बढ़ते कद के साथ.. अपनी मासूमियत को शातानियो में बदलते देखा था " ख़..

  • नेता और भगवान |

    नेता को जनता चुनती है भगावान को भक्त ठीक है, नेता जनता के बीच से निकलते है भगवान संतो के बीच से, नेता भी  जनता से अछ्छी तरह परिचित होते भगवान भी भक्तो से  यह भी ठीक है|  लेकिन अंतर कहाँ है देखते है ? भगवान भक्त के प्रेम को देखते  है, नेता जी दौलत को देखते है | भगवान सबको गले लगते है नेता जी अपने फायदे के हिसाब से | भगवान भक्त से मिलने के लिये खुद आते है , नेता जी के यहाँ अर्जी देनी पडती है | भगवान भक्तो के दिल मे बसते है नेता जी जाति, सम्प्रदाय, मे बसते है भगवान भक्तो का भला चाहते है , नेता जी अपना | भगवान देते है नेता जी लेते है | भगवान भक्त के आगे झुकते है, नेता जि झुकाते है | भगवान जाति पात, अमीर गरीब,मे भेद नही करते, नेता जी ...............? हम(आत्मा) भगवान ( परमात्मा) दोनो एक ही है कोयी भेद नही है|   जब तक नेता ..

  • विजयी के सदृश जियो रे - रामधारी सिंह दिनकर

    वैराग्य छोड़ बाँहों की विभा संभालो चट्टानों की छाती से दूध निकालो है रुकी जहाँ भी धार शिलाएं तोड़ो पीयूष चन्द्रमाओं का पकड़ निचोड़ो   चढ़ तुंग शैल शिखरों पर सोम पियो रे योगियों नहीं विजयी के सदृश जियो रे   जब कुपित काल धीरता त्याग जलता है चिनगी बन फूलों का पराग जलता है सौन्दर्य बोध बन नयी आग जलता है ऊँचा उठकर कामार्त्त राग जलता है   अम्बर पर अपनी विभा प्रबुद्ध करो रे गरजे कृशानु तब कंचन शुद्ध करो रे   जिनकी बाँहें बलमयी ललाट अरुण है भामिनी वही तरुणी नर वही तरुण है है वही प्रेम जिसकी तरंग उच्छल है वारुणी धार में मिश्रित जहाँ गरल है   उद्दाम प्रीति बलिदान बीज बोती है तलवार प्रेम से और तेज होती है   छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये मत झुको अनय पर भले व्योम फट जाये दो बार नहीं यमराज कण..

  • भ्रष्टाचार तभी मिट सकता है जब हमारे और आपके अंदर से आवाज उठनी चाहिये कि हम क्या है |

     हम या आप कुछ कर सकते तो ईतना ही कि एक ग्वाला दूध मे  मिलावट करने से पहले ए सोचे कि ऐ  नौजवान होने वाले  बच्चे हमारे देश के भविश्य है जिसे  मै  मिलावट वला दूध पिला रहा हू , एक शिक्षक ऐ सोचे कि हम हमे इन बच्चो  को शिक्षा देनी ही हमारी प्रथिमकता है ऐ हमारे देश के भविशय है , हम ऐ सोचे कि हमारे घर मे 5 वाट के बल्ब से भी रोशनी हो सकती है , हो सकता है कि  10-20 वर्ष मे ईमांदारी  कि जडे पकड ले या शुरुआत हो जाये |  जब हम अभी से अपने अंदर कि कमियो को अगली पीढी मे नही आने के लिये  उत्प्रेरित करगे, तो लगेगा कि सही रूप मे भ्रस्टाचार के खिलाफ खडे हो गये है | विचार बहुत ही बुनियादी है , लेकिन सहमति नही बनती है ,हमारे 3 -10 लगो के विचार मिल सकते है ,  शिर्फ  विचार ही मिल रहे रहे ना तो मै कायाम हू ना तो आप कायम है (हो ..

  • कोयी चांद पर कविता तभी लिख सकता है जब उसका पेट भरा हो , भुखे आदमी को चांद भी रोटी नजर आती है

    यह पहले भी कह चुका हू अब भी कह रहा हू| आज तक  चैनेल ने ' ऑपरेशन आम आदमी' के जरिए जो खुलासा हुआ है कि कैसे जारी है भ्रष्टाचार| आप किसी भी शहर या प्रदेश से जुडे हो , आप अछ्छी तरह देख रहे होगे सुन रहे होगे , कि  कैम्प लगा है आज आप किसी भी पार्टी की सदस्यता लिजिये, चाहे कोयी भी पार्टी हो  कोयी मानक नही है,  लगता है जैसे संख्या बढानी हो इस जनपद मे, ईतने लोगो ने, इस जनपद मे इतने लोगो ने , सदस्यता ग्रहण की| कौन जुड रहा है, चोर है , ईमांदार है, भ्रश्ट है, कोयी  मानक नही है ना ही मतलब है, कौन लोग जुडने कि कोशिश मे लगे है हम आप अछ्छी तरह जानते है, क्यो कि हमे आप को लगता है कि  फलाँ पार्टी का भविश्य अछ्छा है अभी से जुड जायेगे तो  तो हो सकता है कि आगे चल कर विधायक आदि बन जाये , या प्रशासन के  उपर धौश जमा कर अपना काम ..

  • कविता: नए साल की शुभकामनाएँ!

    1. खेतों को नाज मिले बैलों को सानी जंगल को पेड़ मिलें नदिया को पानी     बिटिया को प्‍यार मिले बेटे को काज तवे को रोटी मिले चूल्‍हे को आग   बटिया को राही मिले प्‍यासे को कुवाँ बच्‍चों को खेल मिले चिमनी को धुवाँ   जुगनू को रा‍त मिले चिडि़या को आसमान ‘होरी’ को मान मिले संघर्ष को दास्‍तान   सागर भी नीला रहे पर्वत हो धानी ऐसा हो नया साल सपनों के मानी लेखक कमल जोशी          2. नये साल की शुभकामनाएँ! खेतों की मेड़ों पर धूल-भरे पाँव को, कुहरे में लिपटे उस छोटे-से गाँव को, नए साल की शुभकामनाएँ!   जाते के गीतों को, बैलों की चाल को, करघे को, कोल्हू को, मछुओं के जाल को, नए साल की शुभकामनाएँ!   इस पकती रोटी को, बच्चों के शोर को, चौंके की गुनगुन को, चूल्हे की भोर को, नए साल की शुभकामनाएँ! &n..

  • तुम अपनी हो, जग अपना है

    तुम अपनी हो, जग अपना है किसका किस पर अधिकार प्रिये फिर दुविधा का क्या काम यहाँ इस पार या कि उस पार प्रिये । देखो वियोग की शिशिर रात आँसू का हिमजल छोड़ चली ज्योत्स्ना की वह ठण्डी उसाँस दिन का रक्तांचल छोड़ चली । चलना है सबको छोड़ यहाँ अपने सुख-दुख का भार प्रिये, करना है कर लो आज उसे कल पर किसका अधिकार प्रिये । है आज शीत से झुलस रहे ये कोमल अरुण कपोल प्रिये अभिलाषा की मादकता से कर लो निज छवि का मोल प्रिये । इस लेन-देन की दुनिया में निज को देकर सुख को ले लो, तुम एक खिलौना बनो स्वयं फिर जी भर कर सुख से खेलो । पल-भर जीवन, फिर सूनापन पल-भर तो लो हँस-बोल प्रिये कर लो निज प्यासे अधरों से प्यासे अधरों का मोल प्रिये । सिहरा तन, सिहरा व्याकुल मन, सिहरा मानस का गान प्रिये मेरे अस्थिर जग को दे दो तुम प्राणों क..

  • यह पल-भर का उन्माद प्रिये।

    बस इतना--अब चलना होगा फिर अपनी-अपनी राह हमें । कल ले आई थी खींच, आज ले चली खींचकर चाह हमें तुम जान न पाईं मुझे, और तुम मेरे लिए पहेली थीं; पर इसका दुख क्या? मिल न सकी प्रिय जब अपनी ही थाह हमें । तुम मुझे भिखारी समझें थीं, मैंने समझा अधिकार मुझे तुम आत्म-समर्पण से सिहरीं, था बना वही तो प्यार मुझे । तुम लोक-लाज की चेरी थीं, मैं अपना ही दीवाना था ले चलीं पराजय तुम हँसकर, दे चलीं विजय का भार मुझे । सुख से वंचित कर गया सुमुखि, वह अपना ही अभिमान तुम्हें अभिशाप बन गया अपना ही अपनी ममता का ज्ञान तुम्हें तुम बुरा न मानो, सच कह दूँ, तुम समझ न पाईं जीवन को जन-रव के स्वर में भूल गया अपने प्राणों का गान तुम्हें । था प्रेम किया हमने-तुमने इतना कर लेना याद प्रिये, बस फिर कर देना वहीं क्षमा यह पल-भर का उन्माद प्रिये। ..

  • नारी जीवन और उसकी पिडा

    आज के इस दौर मे नारी जीवन महज एक समझौते पर निर्धारित हो गया है समाज मेँ नारी का अस्तित्व मजाक बन कर रह गया है, समाज के वर्तमान पेरिवेश मे नारी को हर जगह सहना पड रहा है या समझौता करना पड रहा है,  क्या एक पुरुष इस पीडा का अनुमान लगा सकता है, जो एक नारी सहती  चली आ रही है |   पुरुष तो उस पीडा की कल्पना भी नही कर सकता है, समाज से जैसे इंसानियत समाप्ति की तरफ बढ रही है , और हर तरफ भ्रष्टाचार , बहिस्कार, बलात्कार फैलता जा रहा है हर तरफ शिकरी शिकार ढुढने लगा है , कौन भेडिया  किस रुप मे घूम रहा है समझना मुस्किल है , हैवानियत इतनी बढ गयी है कि अपने खून के रिश्ते भी शर्मसार हो रहे है | इस तरह के लोग समझ नही पा रहे है , नारी शक्ति स्वरुप है , जिसके बल पर यह संस्सर कायम है |     यह नारी किससे कहे कहाँ फरियाद करे , इ..

  • श्री रामकृष्ण परमहंस - तर्क से धर्म प्राप्त नहीं हो सकता।

    श्री रामकृष्ण परमहंस से मिलने नित्य बहुत सारे लोग आते थे,वे उनसे तरह तरह के तर्क करते रहते थे,रामकृष्ण सभी के तर्को का जवाब खुशी खुशी देते थे।एकबार केशवचन्द्र नामक बहुत बड़े विद्वान तार्किक उनके पास तर्क करने पहुँचे,केशवचन्द्र रामकृष्ण को अपने तर्को से हराना चाहते थे।रामकृष्ण तो पढ़े लिखे नहीं थे,परन्तु वे सिद्ध पुरुष थे,परन्तु केशवचन्द्र के नजर में वे गंवार थे।उस दिन काफी चर्चा से बहुत भीड़ जुट गई,सबलोग सोच रहे थे कि रामकृष्ण अवश्य हार जायेंगे कारण उस सदी के सबसे बड़े विद्वान,तार्किक जो पधारे थे।केशवचन्द्र ईश्वर के खिलाफ तर्क देने लगे,रामकृष्ण विरोध नहीं करके उनकी प्रशंसा करने लगे,क्या दलील दी आपने।केशवचन्द्र सोच रहा था कि रामकृष्ण मेरे तर्को को गलत कहेगा तभी तो तर्क विवाद बढ..

  • हिंदू विवाह के सात फेरे और सात वचन

    विवाह = वि + वाह, अत: इसका शाब्दिक अर्थ है - उत्तरदायित्व का वहन करना। पाणिग्रहण संस्कार को सामान्य रूप से हिंदू विवाह के नाम से जाना जाता है। अन्य धर्मों में विवाह पति और पत्नी के बीच एक प्रकार का बंधन होता है जिसे कि विशेष परिस्थितियों में तोड़ा भी जा सकता है, परंतु हिंदू विवाह पति और पत्नी के बीच कयी जन्मो का सम्बंध होता है जिसे किसी भी परिस्थिति में नहीं तोड़ा जा सकता। अग्नि के सात फेरे लेकर और कयी चोजो को साक्षी मान एक पवित्र बंधन होता हैं। हिंदू विवाह में मे इस संम्बंध को अत्यंत पवित्र माना गया है। सात फेरों और सात वचन विवाह के बाद कन्या वर के वाम अंग में बैठने से पूर्व उससे सात वचन लेती है। कन्या द्वारा वर से लिए जाने वाले सात वचन इस प्रकार है। वचन 1 तीर्थव्रतोद्यापन यज्ञक..

  • चिठ्ठी आई है ( प्रताप सोमवंशी)

    भइया की चिठ्ठी आई है घर भर की बातें लाई है पहले लिखा तुम्हे प्यार है और आगे भाभी बीमार है छुटकी को अक्सर बुखार है लिखी अम्मा की पुकार है   आंखे जैसी की तैसी है, गठिया की हालत वैसी है अब तो बेटे है ये लगता, मौत ही जैसे अंतिम हल है शेष कुशल है       घर में पैसे चार नहीं है मिलता कही उधार नहीं है भाई जबसे दिन बिगड़े हैं, कोई नातेदार नही है। छोटे का तुम हाल न पूछो मोटी कितनी खाल न पूछो अरजी आज नई दे आया, और अगला इंटरव्यू कल है शेष कुशल है   बहना का संदेश आया है, उसने फिर ये कहलाया है। सामान और नगदी की खातिर, सास-ससुर ने धमकाया है। कुछ न कुछ सहते रहते हैं, ऐसे दिन कटते रहते हैं। ये सब छोड़ो अपनी लिखना, बीत रहे कैसे छिन-पल हैं। शेष कुशल है।   बप्पा खुद से जूझ रहे हैं, कब आओगे पूछ रहे हैं। लिख दो ख्याल र..

  • संपादकीय : प्रजातन्त्र कैसे हो सकता है अपने मूल रुप मे फलीभूत |

    सविंधान मे राजनितिक दल नाम की कोयी चीज नही है| सरकार बनाने के लिये सदन का बहुमत हासिल होने की शर्त रखी गयी है | समूह बनाने का मौलिक अधिकार  सविधान मे दिया गया है, इसी समूह बनाने की आजादी के मौलिक अधिकार की भावना के तहत लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1951 सँसद  मे बनाया गया | इसी नियम के तहत राजनितिक दलो का वजूद आया और उनकी पंजीकरण की व्यवस्था की गयी | राजनितिक दलो की सदस्यता देश के सभी नाग्रिको के लिये मुक्त रखी गई है | इसी प्रविधान का सहारा लेकर किसी भी राजनितिक दल का अध्यकक्ष अपने सगे सम्बधियो को अपने ही राजनितिक दल मे सामिल कर लेता है और पार्टी को राजतन्त्र  की उत्तराधिकारी वाली व्यस्था मे परिवर्तित कर देता है, इस प्रकार प्रजातन्त्र की मूल भावना की हत्या हो जाती है | कितना अच्छा होता कि लोकप्रति..

  • चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो

    1. चाहे हिन्दू बनो तुम चाहे मुसलमान बनो चाहे गीता पढ़ो या आमिले कुरान बनो चाहे ईसाई बनो या के सिख बन जाओ हर मजहब कहता है पहले मगर इंसान बनो         2. तड़पते दिल की सदाएँ सुनो करो कोशिश बेकरारों को सुकूनो करार दे जाओ जो भी आया है वो जाने के लिए आया है आदमी हो तो आदमी को प्यार दे जाओ 3. आँख हिन्दू है मेरी दिल है मुसलमान मेरा बताओ दफ़्न करोगे के तुम जलाओगे और इसी बात पे दोनों ही अगर झगडे तो मेरी मिट्टी को ठिकाने कहाँ लगाओगे? 4. राम दिल्ली में तो मुंबई में बिक गई सीता कृष्ण मथुरा में तो काशी में बिक गई गीता चलन इस दौर का कैसा ये हो गया लोगो आज हर दिल लगे है प्यार से रीता-रीता 5. टूट जाती है साँस जब तेरी लोग उल्फ़त का सिला देते हैं खाक पर खाक डाल कर तेरी खाक में खाक मिला देते हैं 6. दोस्तों को दिल दुखाना ..

  • गौतम बुद्ध- वैग्यानिक पहलू (Indusial Identity Born Due To Pre conception of Mind)

    गौतम बुद्ध ने देखा कि वह पिपल का पत्ता जिसके निचे वे बैठ कर तपस्यारत थे ओ पत्ता और उनका शरीर एक समान है | इसमे से किसी का न प्रिथक अस्तितव (separate existence ) है न वह अस्तित्व स्थाई है (or not stable ) समस्त संस्सारिक प्रपंचो का परस्परअल्म्बन (Dependent To Each Other) देखकर बुद्ध ने समस्त प्राणियो की खोखली प्रक्रित (Nature) को समझ लिया था कि सब प्रिथक और सव्तंत्र अस्तित्व से रहित है | उनको इस सत्य का साक्षात्कार हुआ कि मुक्ति के कुंजी परस्पर अवल्मबन था अनात्म के सिद्धोन्तो मे ही निहित है | अपने शरीर , भावनाओ , अवधारणाओ , मानशिक भाव बोध और चेतना की नदियो के प्रकाश की अनुभुती से बुद्ध समझ गये थे कि जीवन के परम आश्यक तत्व है- अनित्यता था अन्नात्म | यदि ये न हो तो न तो कुछ अस्तित्वान हो और न उसका विकाश हो | यदि धान ( Tree Of Rice ) अनित्य एवँ अनात्म भा..

  • हिंदू धर्म क्या कहता है ?

    हिंदू धर्म क्या कहता है ?   हिंदू धर्म मे इन चार की  चर्चा की गयी है चार वर्ण-  क्षत्रिय, ब्राहम्ण, वैश्य, सुद्र चार आश्रम – ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास चार पुरसार्थ – धन , धर्म , काम, मोक्ष.   चार वर्ण -पहले वर्ण कर्म के अनुसार निर्धारित होता था आज के समय मे आनुवंशिक हो गया है, राजा का लडका  राजा होगा मुख्य मंत्री का लडका मुख्य मंत्री होगा , विधायक का लडका विधायक होगा, सांसद का लडका सांसद होगा,  कोशिश यही रहती है |   चार आश्रम -पहले  यह निर्धारित था और आज के के समय मे आश्रम का कोयी क्रम निर्धारित नही है इनमे से (ब्रम्ह्चर्य, ग्रिहस्त, वामप्रस्थ , स्नयास)     चार पुरसार्थ- (धन , धर्म , काम, मोक्ष) – आज के समय मे धन और काम ही पुरसार्थ मे बचा है धर्म और मोक्ष विलुप्त हो गया ह..

  • नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं

    नामुमकिन को मुमकिन करने निकले हैं, हम छलनी में पानी भरने निकले हैं। आँसू पोंछ न पाए अपनी आँखों के और जगत की पीड़ा हरने निकले हैं। पानी बरस रहा है जंगल गीला है, हम ऐसे मौसम में मरने निकले हैं। होंठो पर तो कर पाए साकार नहीं, चित्रों पर मुस्कानें धरने निकले हैं। पाँव पड़े न जिन पर अब तक सावन के ऐसी चट्टानों से झरने निकले हैं।   जिंदगी को जुबान दे देंगे    जिंदगी को जुबान दे देंगे धडकनों की कमान दे देंगे हम तो मालिक हैं अपनी मर्ज़ी के जी में आया तो जान दे देंगे रखते हैं वो असर दुआओं में हौसले को उड़ान दे देंगे जो है सहमी पड़ी समंदर में उस लहर को उफान दे देंगे जिनको ज़र्रा नही मयस्सर है उनको पूरा जहान दे देंगे करके मस्जिद में आरती-पूजा मंदिरों से अजान दे देंगे मौत आती 'किरण' है आ जाए तेर..

  • दोस्ती किस तरह निभाते हैं (कविता किरण)

    दोस्ती किस तरह निभाते हैं, मेरे दुश्मन मुझे सिखाते हैं। नापना चाहते हैं दरिया को, वो जो बरसात में नहाते हैं। ख़ुद से नज़रें मिला नही पाते, वो मुझे जब भी आजमाते हैं। ज़िन्दगी क्या डराएगी उनको, मौत का जश्न जो मनाते हैं। ख़्वाब भूले हैं रास्ता दिन में, रात जाने कहाँ बिताते हैं।  ..

  • मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में ( पूर्णिमा वर्मन)

    कभी इन्कार चुटकी में, कभी इक़रार चुटकी में कभी सर्दी ,कभी गर्मी, कभी बौछार चुटकी में ख़ुदाया कौन-से बाटों से मुझको तौलता है तू कभी तोला, कभी माशा, कभी संसार चुटकी में कभी ऊपर ,कभी नीचे ,कभी गोते लगाता-सा अजब बाज़ार के हालात हैं लाचार चुटकी में ख़बर इतनी न थी संगीन अपने होश उड़ जाते लगाई आग ठंडा हो गया अख़बार चुटकी में न चूड़ी है, न कंगन है, न पायल है ,न हैं घुँघरू मगर बजती रही फिर भी कोई झनकार चुटकी में  ..

  • जब तक आम आवाम नही सुधरेगी , देश सुधर ही नही सकता

    कयी पहलुओ पर ध्यान देना होगा, पहले हम  सोचते है सरकारी मुलाजि के बारे मे जिससे व्यस्था संचालित होती है ( जिला अधिकारी से लेकर  फोर्थ क्लास  तक ) – चाहे आप विकलांग हो, चाहे आप पिछडे वर्ग से हो , चाहे आप किसी वर्ग से समबंधित हो , सरकार  कि किसी  भी स्कीम का लाभ लेना चाहते हो , उसका लाभ लेने के लिये आप को लोहे के चने चबाने पडí..

  • जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें ( वर्षा सिंह)

    जाने किसकी राह देखतीं, आस भरी बूढ़ी आँखें । इंतज़ार की पीड़ा सहतीं, रात जगी बूढ़ी आँखें । दुनिया का दस्तूर निराला, स्वारथ के सब मीत यहाँ फ़र्क नहीं कर पातीं कुछ भी, नेह पगी बूढ़ी आँखें । आते हैं दिन याद पुराने, अच्छे-बुरे, खरे-खोटे, यादों में डूबी-उतरातीं, बंद-खुली बूढ़ी आँखें । मंचित होतीं युवा पटल पर, विस्मयकारी घ..

  • बेहतर दुनिया (नवनीत शर्मा)

    बेहतर दुनिया, अच्‍छी बातें, पागल शायर ढूंढ़ रहे हैं ज़हरीली बस्‍ती में यारो, हम अमृतसर ढूंढ़ रहे हैं   ख़ालिस उल्‍फ़त,प्‍यार- महब्‍बत, ख़्वाब यक़ीं के हैं आंखों में  दिल हज़रत के भी क्‍या कहने ! बीता मंज़र ढूंढ़ रहे हैं   सीख ही लेंगे साबुत रहना अपनी आग में जल कर भी हम  दर्द को किसने देखा पहले तो अपना सर ढूंढ रहे हैं ..

  • मुल्क तेरी बर्बादी के

    मुल्क तेरी बर्बादी के आसार नज़र आते है , चोरों के संग पहरेदार नज़र आते है   ये अंधेरा कैसे मिटे , तू ही बता ऐ आसमाँ , रोशनी के दुश्मन चौकीदार नज़र आते है   हर गली में, हर सड़क पे ,मौन पड़ी है ज़िंदगी , हर जगह मरघट से हालात नज़र आते है   सुनता है आज कौन द्रौपदी की चीख़ को , हर जगह दुस्सासन सिपहसालार नज़र आते है   सत्ता से समझ&#..

  • चल मन, उठ अब तैयारी कर

    चल मन, उठ अब तैयारी कर यह चला - चली की वेला है । कुछ कच्ची - कुछ पक्की तिथियाँ कुछ खट्टी - मीठी स्मृतियाँ स्पष्ट दीखते कुछ चेहरे कुछ धुँधली होती आकृतियाँ है भीड़ बहुत आगे - पीछे, तू, फिर भी आज अकेला है । माँ की वो थपकी थी न्यारी नन्ही बिटिया की किलकारी छोटे बेटे की नादानी, एक घर में थी दुनिया सारी चल इन सबसे अब दूर निकल, दुन..

  • पेन्सिल की कहानी !

    एक बालक अपनी दादी मां को एक पत्र लिखते हुए देख रहा था। अचानक उसने अपनी दादी मां से पूंछा, " दादी मां !" क्या आप मेरी शरारतों के बारे में लिख रही हैं ? आप मेरे बारे में लिख रही हैं, ना " यह सुनकर उसकी दादी माँ रुकीं और बोलीं , " बेटा मैं लिख तो तुम्हारे बारे में ही रही हूँ, लेकिन जो शब्द मैं यहाँ लिख रही हूँ उनसे भी अधिक महत्व इस &..

  • मेहदी हसन साहब की एक उम्दा गज़ल

    तेरी आँखो को जब देखा  कँवल कहने को जी चाहा  मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा तेरा नाजुक बदन छूकर  हवाएं गीत गाती है  बहारें देखकर तुझको  नया जादू जगाती है  तेरे होठों को कलियों का  बदल कहने को जी चाहा मैं शायर तो नहीं लेकिन  गज़ल कहने को जी चाहा इजाजत हो तो आँखो में  छुपा लूं, ये हंसी जलवा  तेरे रुख़साë..

  • महान क्रन्तिकारी-अशफाक: एक पत्र देशवासियों के नाम !

    मेरे प्यारे देशवासियों, भारत माता को आजाद करवाने के लिए रंगमंच पर हम सभी भूमिका अदा कर चुके है | गलत किया या सही, हमने जो भी किया, स्वंतत्रता पाने की भावना से प्रेरित होकर किया | हमारे अपने निंदा करे या प्रंशसा, लेकिन हमारे दुश्मनों तक को हमारी हिम्मत और वीरता की प्रंशसा करनी पड़ी है | कुछ लोग कहते है की हमने गुलामी ..

  • स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण

    स्वामी विवेकानंद जी का विश्व प्रसिद्ध भाषण, विश्व धर्म महासभा में जिसने पुरे विश्व के जन मानश को झकझोर दिया था |  मेरे अमरीकी भाइयो और बहनों!  आपने जिस सौहार्द और स्नेह के साथ हम लोगों का स्वागत किया हैं उसके प्रति आभार प्रकट करने के निमित्त खड़े होते समय मेरा हृदय अवर्णनीय हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। संसार में &#..

  • मन के हारे हार है मन के जीते जीत !

    दोस्तों , बहुत दिनों से आप अपने आपको थका हुआ और कमजोर महसूस कर रहे हैं ! मन में भी नकारात्मक भाव आ रहे हैं ,कोई उमंग महसूस नहीं हो रही है ! जिंदगी बोझिल सी हो रही है ! ऐसे में आप किसी डॉक्टर के पास जाते हैं ! वो आपकी पूरी जांच करने के बाद गंभीर स्वर में आपसे कहता है ,--'माफ़ कीजिएगा ! लेकिन आपकी reports देख कर मुझे लगता है की अगले एक सा&#..

  • हम और आप (स्म्मान और आत्म्समान )

    हम पैदा होते है धीरे धीरे बडे होते है स्कूल जाने लगते है क, ख, ग ( A, B, C, ) सिखना चालू करते है, थोडा और बडे होते है , क से कबूतर , ख से खरगोश , ग से गमला और ( A for Apple , B for Bat, C for Cat ) सीख लेते है , फिर बहूत कुछ सिखते है , पास होते है फेल होते है, कोयी I.A.S . बनता है कोयी P.C.S. बनता है कोयी बाबू बनता है , कोयी चपरासी बनता है , कोयी नेता बनता है कोयी कार्यकर्ता बनता है |  फिर ..


आज तक

विवादित लेख और तस्‍वीर पर श्रीलंका ने नरेंद्र मोदी और जयललिता से माफी मांगी
आज तक
रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर आपत्तिजनक लेख और तस्वीर को लेकर श्रीलंका ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से बिना शर्त माफी मांगी है. श्रीलंका ने बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि यह लेख बिना किसी अनुचित अनुमति के वेबसाइट पर डाला गया और यह कहीं भी से सरकार की आधिकारिक सोच को नहीं दर्शाता. गौरतलब है कि श्रीलंका की रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट www.defence.lk पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु की मुख्‍यमंत्री जे. जयललिता की आपत्तिजनक तस्‍वीर लगाई गई थी. दरअसल वेबसाइट पर 'जयललिता के प्रेम पत्र मोदी के लिए कितने सार्थक हैं?
लंका ने भद्दे मजाक पर मांगी माफीनवभारत टाइम्स
मोदी के नाम 'जयललिता के प्रेमपत्र' पर मचा बवाल, श्रीलंका ने मांगी माफीABP News
मोदी-जया की तस्वीर से उठा विवाद, श्रीलंका ने मांगी माफीदैनिक जागरण
प्रभात खबर -khaskhabar.com हिन्दी -दैनिक भास्कर
सभी 44 समाचार लेख »

अमर उजाला

आ गया भारतीय बाजार में सबसे सस्ता विंडोज टैबलेट
अमर उजाला
आज भारतीय बाजार में एंड्रॉयड टैबलेट का एकक्षत्र राज है। हालांकि ऊंचे रेंज में एंड्रॉयड को एप्पल आईपैड से मजबूत टक्कर मिल रही है लेकिन कम रेंज के टैबलेट में एंड्रॉयड ही छाया हुआ है। अब कम रेंज में एंड्रॉयड टैबलेट को चुनौती देने के लिए भारत का प्रमुख रिटेल चेन क्रोमा ने इंटेल के साथ मिलकर सबसे सस्ता विंडोज टैबलेट को पेश किया है। कंपनी ने क्रोमा 1179 (Croma 1179 Tablet) और क्रोमा 1177 2-इन-1 (Croma 1177 Tablet 2-in-1) नाम से दो मॉडल को भारतीय बाजार में उतारा है। 1179 में 8.0 इंच की स्क्रीन दी गई है जबकि 1177 को 10.0 इंच डिस्‍प्ले के साथ पेश किया गया है। दोनों टैबलेट को विंडोज ऑपरेटिंग 8.1 ...
क्रोमा और इंटेल ने भारत में लॉन्च किए 2 विंडोज़ टैबलटनवभारत टाइम्स
Croma ने इंडिया में लॉन्‍च किया 2-in-1 PC Windows 8.1, कीमत 21990 रुपयेInext Live

सभी 6 समाचार लेख »

आईबीएन-7

CWG: मुक्केबाजी में भी भारत के 4 सिल्वर मेडल पक्के
आईबीएन-7
ग्लासगो। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में कुश्ती के बाद अब मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा दिख रहा है। बॉक्सिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने कम से कम 4 सिल्वर मेडल पक्के कर लिए हैं यानी 4 खिलाड़ी बॉक्सिंग के अलग-अलग वर्ग के फाइनल मुकाबले में पहुंच चुके हैं, जहां जीतने पर उन्हें गोल्ड और हारने पर सिल्वर मेडल मिलेगा। बॉक्सिंग के 75 किलोग्राम वर्ग में विजेंदर सिंह ने फाइनल में जगह बनाई है। मनदीप जांगड़ा ने 69 किलोग्राम वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला जीत लिया। 46 से 49 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में लेशराम देवेंद्रो सिंह ने जीत हासिल कर कम से कम सिल्वर मेडल ...
कॉमनवेल्थ: मुक्केबाजी में भारत के 4 और सिल्वर मेडल पक्केनवभारत टाइम्स
'सोने' की बारिश कराने को तैयार बॉक्सर्सआज तक

सभी 3 समाचार लेख »

आईबीएन-7

गाजा में संघर्ष विराम टूटा, अब तक 1463 मरे
आईबीएन-7
गाजा| इजरायल के हवाई हमले में कम से कम 27 फिलिस्तीनी मारे गए और 200 अन्य घायल हो गए। इजरायल और इस्लामिक फिलिस्तीन हमास आंदोलन के बीच तय 72 घंटे का संघर्ष विराम टूट जाने के बाद इजरायल ने रफह शहर पर हवाई और आर्टिलरी हमले किए। समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, मिस्र की सीमा पर स्थित रफह में स्थानीय सूत्रों ने इजरायली सेना और फिलिस्तीनी मिलीशिया के बीच घमासान की जानकारी दी है। सुबह 8 बजे से शुरू संघर्ष विराम महज कुछ ही घंटों बाद टूट गया। इससे पहले फिलिस्तीनी समाचार एजेंसी मान ने कहा था कि इजरायल के हवाई छापेमारी में गाजा में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई और दो अन्य ...
गाजा में फिर टूटा संघर्ष विराम, मृतकों की संख्या पहुंची 1500 के पारदैनिक जागरण
गाजा संघर्ष विराम टूटाPressnote.in
गाजा में युद्धविराम की दुबारा कोशिश होगी : ओबामाPatrika
Live हिन्दुस्तान -नवभारत टाइम्स -Sahara Samay
सभी 81 समाचार लेख »

Sahara Samay

जडेजा-एंडरसन झगड़ा: ICC से दोनों खिलाड़‍ियों को क्‍लीन चिट, जडेजा को नहीं देना होगा जुर्माना
दैनिक भास्कर
लंदन। अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने इंग्‍लैंड के तेज गेंदबाज जेम्‍स एंडरसन और भारतीय ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा के बीच हुए कथित झगड़े में दोनों खिलाडि़यों को क्‍लीन चिट दे दी है। आईसीसी के न्यायिक आयुक्त ने छह घंटे की सुनवाई के बाद मामले में एंडरसन और जडेजा दोनों को दोषी नहीं पाया। इस फैसले के बाद दोनों खिलाडि़यों के बाकी मैचों में खेलने का रास्‍ता साफ हो गया है। इससे पहले मामले में जडेजा को आईसीसी की आचार संहिता के उल्लंघन में लेवल 1 का दोषी पाया गया था और उन पर मैच फीस का 50 फीसदी जुर्माना लगाया था। अब उन्‍हें जुर्माना भी नहीं देना होगा। भारतीय ...
एंडरसन-जडेजा विवाद में टीम इंडिया को झटका, एंडरसन बेगुनाह करारआज तक
साफ बच निकले एंडरसन, जडेजा को भी माफीआईबीएन-7
एंडरसन को क्लीनचिट, जडेजा पर भी फैसला वापसp7news
khaskhabar.com हिन्दी -Oneindia Hindi -अमर उजाला
सभी 48 समाचार लेख »

फरारी से पहले कुख्यात बदमाशों ने मनाईं रंगरेलियां
Nai Dunia
अलीगढ़। दीवानी कचहरी परिसर से दोनों बदमाशों की फरारी से पहले रंगरेलियां भी मनाई गई थीं। कुख्यात अरुण के साथ सिपाही भी शामिल थे। पब्लिक से मिले इस इनपुट के आधार पर पुलिस-प्रशासनिक अफसर चौकन्ने हो गए। दो आला-अफसरों ने शुक्रवार को अरुण की गिरफ्तार प्रेमिका से 15 मिनट तक गहन पूछताछ की। युवती ने अरुण से सात मिनट का "एकांत मिलन" कबूल किया है। शारीरिक संबंधों से इन्कार किया है। सिपाहियों से संबंध को भी उसने खारिज किया है। पुलिस फिर भी पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो दीवानी कचहरी की तीसरी मंजिल के निर्माणाधीन कमरे से गुरुवार को ...

और अधिक »

Zee News हिन्दी

तिहाड़ का कॉन्फ्रेंस रूम बनी सुब्रत की 'स्पेशल जेल'
नवभारत टाइम्स
सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय के लिए दिल्ली की तिहाड़ जेल के कॉन्फ्रेंस रूम को विशेष जेल घोषित किया गया है। इस कमरे में रॉय न्यू यॉर्क तथा लंदन में लग्जरी होटलों की बिक्री के लिए खरीदारों से बातचीत करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में रॉय को 10,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिये लग्जरी होटलों की बिक्री के लिए बातचीत करने को लेकर 10 दिन के लिए जेल के कॉन्फ्रेंस रूम के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। न्यायालय के आदेश के अनुसार रॉय को अपनी जमानत के लिए यह धन जमा करना है। तिहाड़ के सूत्रों के मुताबिक, 'तिहाड़ के कॉन्फ्रेंस रूम में रॉय के लिए सभी जरूरी व्यवस्था की जाएगी।
सहाराश्री के लिए तिहाड़ का सम्मेलन कक्ष विशेष जेल घोषितप्रभात खबर
सुब्रत राय को सुप्रीम कोर्ट से राहतदैनिक जागरण
तिहाड़ में कान्फ्रेंस रूम इस्तेमाल कर सकते हैं सुब्रत रॉय :कोर्टLive हिन्दुस्तान
एनडीटीवी खबर -ABP News -अमर उजाला
सभी 33 समाचार लेख »

फेस टु फेस

लोकसभा जितने के बाद : मोदी

जानिये जनता की समस्या : इनकी जुबानी

RavindraNathPrajapati
RGGVY Yojana me BPL Pariwaro ko chhor anya pariwaro ko labhanwit kiya gaya hai. Iss aniymitata ke khilaph adhishasi abhiyanta aur m.d. se shikayat karne ke bad bhi sunvayi nahi hui hai. BPL pariwar ke log upekshit ho gaye hai. Aash bhari nigah se dekआगे पढें...

Abusahma
Humare yahan safai ki vyawastha kafi kharab hai niyukti ke baad aaj tak kabhi safai karmchari dikhai nahi diya.dr.Abusahma kabulpur jaunpurआगे पढें...

ANKIT SINGH YADAV
नौपेडवा से बटाऊबीर मार्ग सन् 2012 मे प्रधानमँत्री ग्रामीण सडक योजना के अँतर्गत बनकर तैयार हुआ था जबकि सडक बने 1 साल हुए है मगर सडक को देखकर कोई भी यह नही कहेगा कि ये एक साल की बनी है बल्कि ये कहेगा कि यह 5 से8 साल पहले कि है पर जनता बेवकूफ है जो इस एआगे पढें...

अपने शहर गाँव से जुड़ी समस्या पोस्ट करने के लिये क्लिक करें

Khoji News sawal-10 Lucky Drow

भारत का प्रधान मंत्री कौन है ?

  • मनमोहन सिंह
  • आडवाणी
  • मोदी
  • राहुल गाँधी

सही उत्तर देने के लिये लाग इन करें
Get our toolbar!